आगामी लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में जान फूंकने के लिए प्रियंका गांधी को सक्रिय राजनीति में उतारने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। रविवार को इलाहाबाद से सोशल मीडिया पर एक पोस्टर वायरल होने के बाद राजनीतिक हलकों में अटकलें तेज हो गईं। ‘इंदिरा का खून, प्रियंका इज कमिंग सून’ पोस्टर जिला महासचिव हसीब अहमद की ओर से जारी किया गया है। इसके साथ ही कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र भेजकर प्रियंका को रायबरेली या फूलपुर लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाने के लिए आवाज भी उठाई गई है। कयास लगाया जा रहा है कि सोनिया गांधी की जगह अब प्रियंका गांधी चुनावी मैदान में आ सकती हैं।
2013 में भी हसीब ने प्रियंका की उम्मीदवारी की वकालत की थी, तब उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। व्हाट्सएप, फेसबुक पर वायरल हुए ‘प्रियंका इज कमिंग सून’ पोस्टर पर इंदिरा गांधी के अलावा सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के अलावा रेणुका चौधरी और प्रमोद तिवारी की तस्वीरें लगाई गई हैं।
पार्टी के जिला महासचिव हसीब ने रविवार की शाम कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को संबोधित पत्र फैक्स के जरिये भेजा है। इस पत्र में कहा गया है कि फूलपुर लोक सभा सीट नेहरू-गांधी परिवार की पारंपरिक सीट रही है। इलाहाबाद पं. जवाहर लाल नेहरू की जन्मस्थली भी है। ऐसे में फूलपुर या फिर सोनिया गांधी की सीट रायबरेली से प्रियंका गांधी को 2019 के लोस चुनाव में उम्मीदवार बनाया जाना चाहिए।
पार्टी कार्यकर्ताओं की इच्छा है कि प्रियंका को चुनाव मैदान में उतारा जाए। उनके चुनाव लड़ने से पार्टी में नई जान पैदा होगी और यूपी की अधिकाधिक सीटों पर कांग्रेस को फायदा मिलेगा। उधर, कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने प्रियंका के लिए पोस्टर वार के प्रति अनभिज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि यह मांग लंबे समय से उठती रही है। वह चुनाव लड़ेंगी या नहीं, यह फैसला खुद उन्हें करना है।
पोस्टर वायरल करने वालों पर होगी कार्रवाई: जिलाध्यक्ष
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने कहा कि प्रियंका गांधी के नाम पर सोशल मीडिया पर पोस्टर वार अनुचित है। इसे अनुशासनहीनता माना जाएगा। पोस्टर किसने बनाया और वायरल किया, इसके लिए समिति गठित कर जांच कराई जाएगी। जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
उधर कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता हेलाल नकवी का कहना है कि हम लोग चाहते हैं कि प्रियंका गांधी सक्रिय राजनीति में हिस्सा लें। बेशक इससे आगामी चुनाव में पार्टी को फायदा होगा, लेकिन यह फैसला उनको और उनके परिवार को लेना होगा।