31 अक्तूबर को शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर अपलोड किए गए प्रस्ताव के अनुसार, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 15 नामों की सिफारिश जज के तौर पर नियुक्ति के लिए की थी, लेकिन शीर्ष अदालत के कॉलेजियम ने इनमें से दो नामों को योग्यता के मानक पर खरा नहीं पाते हुए महज 13 नामों को ही हाईकोर्ट का जज बनाए जाने के लिए स्वीकृत किया है। अन्य दो नामों को हाईकोर्ट कॉलेजियम को वापस भेज दिया गया है।
कॉलेजियम ने ओडिशा हाईकोर्ट की कॉलेजियम की तरफ से भेजे गए 8 नामों में से पहले 3 को खारिज करते हुए 5 के नाम की सिफारिश आगे भेजने का निर्णय लिया था, लेकिन बाद में इनमें से एक के नाम पर पुनर्विचार का निर्णय लेते हुए अन्य दो के नाम वापस हाईकोर्ट कॉलेजियम को भेज दिए। अन्य 6 जजों के नाम सरकार को भेज दिए गए हैं। प्रस्ताव के मुताबिक, रोके गए 3 नामों में से एक अन्य पर कुछ समय बाद दोबारा विचार किया जाएगा। बाकी दोनों के नाम को पुनर्विचार के लिए ओडिशा हाइकोर्ट को वापस भेज दिया गया है।