टीडीपी के 4 सांसदों ने पाला बदल उच्च सदन में विपक्ष की रणनीति को बड़ा झटका दिया है। इस पालाबदल के बाद भी भाजपा और उसकी अगुवाई वाला राजग भले ही बहुमत से दूर है, मगर पार्टी अहम बिलों को पारित कराने के लिए जरूरी अंकगणित के बेहद करीब पहुंच गई है।
बिल पारित कराने केलिए सदन में मौजूद सदस्यों में से 50 फीसदी से एक ज्यादा का समर्थन चाहिए। ऐसे में पार्टी अगर टीआरएस, बीजेडी और वाईएसआर कांग्रेस को साध पाई तो उसका अपने एजेंडे से जुड़े बिलों को कानूनी जामा सपना पूरा हो जाएगा।
मसलन नागरिकता संशोधन बिल पर टीआरएस, बीजेडी, वाईएसआर कांग्रेस जैसे दलों को बड़ी आपत्ति नहीं है। इसी प्रकार तीन तलाक बिल पर एनपीएफ, बीपीएफ जैसे पूर्वोत्तर केदलों को दिलचस्पी नहीं है। ऐसे में पार्टी इस बिल पर जदयू को अनुपस्थित रहने के लिए मना कर और बीजेडी, टीआरएस जैसे दलों की कुछ आपत्तियों का हल निकाल कर अपना काम निकाल सकती है।