ऑल इंडिया रेडियो (एआईआर) ने पहले विदेशी प्रसारण की 80वीं वर्षगांठ को धूमधाम से मनाने की तैयारी की है। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाजी जर्मनी के प्रचार का जवाब देने के लिए ब्रिटिश शासकों ने 1 अक्तूबर, 1939 को विदेशी श्रोताओं के लिए पश्तो सेवा शुरू की थी।
राष्ट्रीय रेडियो प्रसारक ने फैसला किया है कि इस ऐतिहासिक घटना के 80 साल पूरे होने पर सालभर विशेष कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इनकी शुरुआत सोमवार से होगी जो अगले साल 1 अक्तूबर तक चलेंगे। एआईआर के विदेशी सेवा विभाग के प्रमुख अमलज्योति मजूमदार ने बताया कि पिछले साल हमने 1 अक्तूबर को विदेशी प्रसारण दिवस मनाने का फैसला किया था। सोमवार को पहली बार इसे मनाया जाएगा।
सोमवार को सिरी फोर्ट में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा। इसके बाद पूरे साल ऐसे आयोजन किए जाएंगे। एआईआर का विदेशी सेवा विभाग करीब 150 देशों में शॉर्ट और मीडियम वेव पर कार्यक्रम प्रसारित करता है।
करीब 28 भाषाओं में न्यूज बुलेटिन और अन्य कार्यक्रम प्रसारित किए जाते हैं। इनमें अरबी, बलूची, बर्मी, चीनी, दारी, फ्रेंच, इंडोनेशियाई, पर्शियन और बलोच भाषाएं शामिल हैं। वहीं, जापानी और भूटानी भाषा में सेवा जल्द शुरू करने की तैयारी है।
आपातकाल की घोषणा से लेकर मन की बात तक
रेडियो हमेशा से ही आम लोगों तक बात पहुंचाने का अहम जरिया रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रेडियो पर ही ‘मन की बात’ कर जनता से सीधा संवाद करते हैं। वह हर महीने के अंतिम दिन लोगों को संबोधित करते हैं। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 26 जून, 1975 की सुबह रेडियो पर ही आपातकाल की घोषणा की थी।