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आखिर क्यों सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर रहे हैं महाराष्ट्र के किसान

Sat, 10 Mar 2018 02:09 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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महाराष्ट्र में 30 हजार से ज्यादा किसान देवेंद्र फडणवीस सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। नाराज किसानों ने नासिक से मुंबई तक पैदल विरोध मार्च निकाला है। किसानों ने राज्य सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार ने 90 लाख किसानों का कर्ज माफ करने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक यह लागू नहीं हुआ है। किसानों का दावा है कि अब तक राज्य सरकार की ओर से कोई उनसे बात करने नहीं आया है।

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ऋणमाफी के लिए ऑल इंडिया किसान सभा (एआइकेएस) के नेतृत्व में 30 हजार से ज्यादा किसान भिवाड़ी पहुंच गए हैं। किसान हर दिन 30 किलोमीटर की यात्रा तय कर रहे हैं और उनका लक्ष्य 12 मार्च को विधानसभा का घेराव करना है।

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किसान ऋण और बिजली के बिलों को माफ करने की कर रहे हैं मांग

180 किलोमीटर लंबी इस यात्रा की शुरुआत 6 मार्च को सेंट्रल नासिक के सीबीएस चौक से हुई थी। राज्य के किसान पूरी तरह से ऋण और बिजली के बिलों को माफ करने की मांग कर रहे हैं। पिछले साल महाराष्ट्र की सरकार ने ऋणमाफी योजना के प्रथम चरण के तहत 4 हजार करोड़ रुपए के ऋण की माफी की घोषणा की थी। इस मार्च में शामिल होने के लिए महिलाओं के साथ ही युवा और वरिष्ठ नागरिक भी शामिल हैं।

ऑल इंडिया किसान सभा की मांग है कि सरकार सुपर हाइवे और बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार किसानों की जमीन पर अधिग्रहण न करें। ऑल इंडिया किसान सभा के अजीत नवाले ने बताया कि 'हम पिछले 2 सालों से इन मांगों पर सरकार का ध्यान खींचने की कोशिश कर रहे थे लेकिन सरकार ने हर बार अनदेखी की जिसके बाद हमने ये मार्च निकाला है।'

मार्च में शामिल हुए डिंडोरी तहसील के किसान बीबी बाई कोकटे ने कहा- हमारी मांग है कि जंगल के जिस क्षेत्र पर हम पिछले तीन सालों से जुताई कर रहे हैं उसे हमारे नाम पर ट्रांसफर कर दिया जाए। हम पांच एकड़ की जमीन पर जुताई का काम कर रहे हैं जबकि मुझे जिला अधिकारियों से केवल 1.5 एकड़ का सर्टिफिकेट दिया गया है। यह न्यायसंगत नहीं है। जमीन के इतने छोटे से टुकड़े में खेती कैसे होगी? हम ज्यादा कुछ नहीं बस उतनी ही जमीन की मांग कर रहे हैं जिसपर हम सालों से जुताई कर रहे हैं।
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