भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय महामंत्री बद्रीनारायण चौधरी ने कृषि से जुड़े तीन कानूनों का स्वागत करते हुए इसके कुछ प्रावधानों में बदलाव की मांग की है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र और किसानों की दशा सुधारने के लिए एक देश एक बाजार जरूरी है। हालांकि उन्होंने किसानों की बदहाली दूर करने के लिए एमएसपी के तहत खरीद अनिवार्य करने की मांग की।
चौधरी ने कहा कि नए कानूनों से किसानों की उपज की खरीद के लिए बाजार में प्रतिस्पर्धा होगी। मगर कानून के कुछ प्रावधानों बदलाव जरूरी है। खासतौर पर एमएसपी को अनिवार्य और कानूनी बनाना जरूरी है। नब्बे के दशक से भारतीय किसान संघ किसानों की उपज के देशभर में आवागमन के लिए एक देश-एक बाजार की की जरूरत बताता रहा है।
मंडी प्रक्रिया शुरुआत में किसानों की हितैषी रही, मगर धीरे-धीरे किसानों के शोषण का जरिया बन गई। किसान संघ और कई सरकारी समितियां मंडी कानून में किसान हितों का ध्यान रखते हुए सुधार की मांग रखते आए हैं। दशकों बाद यह मांग और बिना किसी कर कृषि उपज बेचने का कानूनी प्रावधान बना है। उन्होंने कहा कि नए कानूनों को वापस लेने से किसानों का भला नहीं होगा।
माली हालात सुधारने को एमएसपी हो अनिवार्य
चौधरी ने कहा कि किसानों की हालात सुधारने के लिए एमएसपी को अनिवार्य बनाने की जरूरत है। एमएसपी के दायरे में कई और फसलों को लाने की जरूरत है। देशभर की मंडियों के अंदर और बाहर समर्थन मूल्य के नीचे कोई खरीदारी न हो, इसकी कानूनी व्यवस्था होनी चाहिए। निजी व्यापारी महज पैन कार्ड से खरीद न कर पाएं इसके लिए सरकारी पोर्टल के तहत खरीदारी की व्यवस्था हो। व्यापारियों की बैंक गारंटी से किसान का भुगतान समय पर निश्चित कराने की व्यवस्था हो। विवादों के निपटारे के लिए स्वतंत्र कृषि अदालतों और विवादों का निपटारा किसान के गृह जिले में करने का प्रावधान हो।