बॉलीवुड फिल्म 'सिंघम रिटर्न्स' की शूटिंग 288 साल पुरानी हवेली ‘सांवर्डेकर वाडा’ में हुई थी, लेकिन गणेश चतुर्थी के मौके पर यहां 'फैमिली रिटर्न्स' हो रहा है और ये यहां पहली बार नहीं हो रहा है बल्कि हर साल गणेश चतुर्थी के मौके पर ऐसा होता है। इस साल गणेश चतुर्थी के मौके पर दक्षिण गोवा के सनवोर्डेम में स्थित 288 वर्ष पुरानी हवेली ‘सांवर्डेकर वाडा’ में इस साल परिवार के 250 से अधिक सदस्य एकत्र हुए हैं।
गोवा में गणेश चतुर्थी घर वापस लौटने का अवसर
दरअसल, आज से गणेश उत्सव की शुरूआत हो गई है। इस मौके पर देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोग गणेश उत्सव को मनाने के लिए अपने-अपने घरों में लौट रहे हैं। इसी तरह गोवा में भी घर-घर में गणेश प्रतिमा स्थापित की गई है। समुद्र के किनारे बसे भारत के इस राज्य में यह उत्सव यहां से बाहर जाकर बस गए गोवा के लोगों के लिए अपने परिजनों से फिर से मिलने और वापस घर लौटने अवसर भी होता है।
288 साल पुरानी हवेली में लौटे सांवर्डेकर वंश के 250 से अधिक सदस्य
इसी मौके पर दक्षिण गोवा के सनवोर्डेम में स्थित 288 वर्ष पुरानी हवेली ‘सांवर्डेकर वाडा’ में इस वंश के 250 से अधिक सदस्य एकत्र हुए हैं। ये हवेली 1734 में बनवाई गई थी। इस हवेली में 80 कमरे, चार आंगनों और चार कुएं हैं। साथ ही ये हवेली 4,000 वर्ग मीटर में फैली है। अजय देवगन की फिल्म सिंघम रिटर्न्स की शूटिंग में भी इसे दिखाया गया था।
सांवर्डेकर परिवार के एक सदस्य मंदार सांवर्डेकर ने बताया कि इस साल गणेश चतुर्थी मनाने के लिए वंश के 250 से अधिक सदस्य एक साथ इकट्ठे हुए हैं। उन्होंने बताया कि सांवर्डेकर वंश के लोग अब पूरे भारत में अलग-अलग जगहों पर बसे हुए हैं।
इस साल सांवर्डेकर वंश की 11वीं पीढ़ी मनाएगी गणेश चतुर्थी
मुंबई में रहने वाले परिवार के एक अन्य सदस्य सागर सांवर्डेकर ने बताया कि वह और उनका परिवार हर गणेश चतुर्थी पर हवेली जाते हैं। इमारत में प्रत्येक परिवार का अपना कमरा होता है। वहीं एक अन्य सदस्य प्रणव सांवर्डेकर ने बताया कि हवेली बनने के बाद से उनके परिवार की सबसे युवा पीढ़ी 11वीं पीढ़ी है। उत्सव में शामिल होने वाले 250 लोग सातवीं से ग्यारहवीं पीढ़ी के हैं।" उन्होंने दावा किया कि उनका परिवार देश के सबसे पुराने संयुक्त परिवारों में से एक है।
विरासत को संरक्षित रखने में सभी देते हैं योगदान
उन्होंने यह भी बताया कि परिवार के सभी सदस्य भले ही इस हवेली में साल में एक बार ही आते हों, लेकिन सभी लोग इसके रखरखाव में योगदान देते हैं। उन्होंने बताया कि ये क्रम पिछले 300 सालों से ऐसे ही चला आ रहा है। इसके लिए एक रखरखाव कोष बनाया गया है, परिवार के सभी सदस्य इसमें मदद करते हैं। हवेली की विरासत को लगातार संरक्षित किया जा रहा है हालांकि अब ये बहुत महंगा हो गया है।
कुवेलकर परिवार में भी ऐसी ही परंपरा
गौरतलब है कि समुद्र तटीय राज्य गोवा में इस तरह के पारिवारिक पुनर्मिलन लगभग हर परिवार में होता है। ये यहां गणेश उत्सव की एक महत्वपूर्ण विशेषता है। इसी तरह दक्षिण गोवा जिले के राइया गांव में भी कुवेलकर परिवार के सभी सदस्य भी गणेश चतुर्थी एक साथ इकट्ठे हो रहे हैं। वे एक साथ धूमधाम से गणेशोत्सव मनाते हैं। इस परिवार के एक सदस्य डॉ. साईदत्त कुवेलकर ने कहा कि इस मौके पर एक सदी पुराने अपने घर में लौटना उनके परिवार की परंपरा रही है। उन्होंने यब भी कहा कि यह परंपरा लगातार ऐसे ही जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि उनके इस घर को उनके दादा ने 1918 में बनवाया था। इसके बाद उनका परिवार 1966 तक वहां रहता रहा, इसके बाद नई पीढ़िंयां काम के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर रहने लगे। इसके बावजूद सभी लोग साल में एक बार गणेश चतुर्थी के मौके पर एक साथ इकट्ठे होते हैं। इस मौके पर यह घर जीवंत हो उठता है। उन्होंने कहा कि ये परंपरा हमेशा के लिए जारी रहेगी। यही गणेश चतुर्थी की भावना है।
गोवा के सीएम प्रमोद सावंत ने की गणेश भगवान की पूजा
गोवा के सीएम प्रमोद सावंत ने गणेश चतुर्थी के मौके पर भगवान गणेश की पूजा की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान दो साल तक लोगों ने गणेश चतुर्थी धूमधाम से नहीं मनाई, लेकिन इस बार सार्वजनिक जगहों पर गणेश चतुर्थी मनाई जा रही है। इस बार सभी लंबित कल्याण योजनाओं को हमने जारी कर दिया है जैसे प्रोत्साहन राशि, पेंशन, सब्सिडी आदि। उन्होंने बताया कि सरकार ने 146 करोड़ रुपए खर्च किए है।