उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को कहा कि क्षेत्र की विशाल जनसंख्या की समृद्धि और प्रगति के लिए दक्षेस समूह एक प्रभावी और जीवंत नेटवर्क बन सकता है लेकिन इसके लिए सभी देशों को आतंकवाद के समूल खात्मे के लिए साथ आना होगा। उन्होंने यह बात पूर्व प्रधानमंत्री आईके गुजराल की स्मृति एवं सम्मान में डाक टिकट जारी करने के समारोह में कही।
नायडू ने कहा, आतंकवाद पूरी तरह से नष्ट करना होगा, नहीं तो दक्षिण एशिया में लोगों के बेहतर भविष्य निर्माण की कोशिशों को नाकाम कर देगा। भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ शांतिपूर्वक रहने और मित्रवत रिश्ते रखने में विश्वास करता है। दुर्भाग्य से, देश को बीते कई वर्षों से विदेशी सरकारों द्वारा प्रायोजित सीमापार आतंकवाद का लगातार सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को और अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए तथा ऐसे देशों को अलग-थलग करने के और प्रयास करने चाहिए जो आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं तथा ऐसे देशों के खिलाफ प्रतिबंध लगाने चाहिए।