भूमि अधिग्रहण से संबंधित सभी मुकदमों की जानकारी कंप्यूटर में दर्ज की जाएगी। प्रदेश सरकार इन मुकदमों को कंप्यूटराइज करना प्रारंभ कर दिया है। मुख्य सचिव की ओर से हलफनामा दाखिल कर इस बात की जानकारी हाईकोर्ट को दी गई है।
कोर्ट ने मुख्य सचिव को 16 दिसंबर तक बताने को कहा है कि मुकदमों में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार क्या कर रही है। अधिवक्ता सतीश चतुर्वेदी को इस मामले में एमिकस क्यूरी नियुक्त किया गया है।
बृजेंद्र सिंह की प्रथम अपील पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी ने मुख्य सचिव को भूमि अधिग्रहण के सभी मुकदमों को कंप्यूटराइज करने का आदेश दिया था। मुख्य स्थायी अधिवक्ता रमेश उपाध्याय ने हाईकोर्ट से भी मुकदमों की सूचना उपलब्ध कराने के लिए कहा था ताकि जानकारी कंप्यूटर में दर्ज की जा सके।
मुख्य सचिव के हलफनामे में बताया गया कि मुकदमों को कंप्यूटराइज करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। निचली अदालतों में तमाम ऐसे मुकदमे हैं जिनमें 25 वर्षों में पत्रावली पेश नहीं की जा सकी है। कोर्ट ने कहा कि सभी मुकदमे कंप्यूटराइज होने से आवश्यकता पड़ने पर पत्रावली आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।