फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बंगाल विधानसभा चुनाव : उड़ रहीं कोरोना नियमों की धज्जियां, न मास्क न सामाजिक दूरी का पालन

Thu, 15 Apr 2021 07:53 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

  • भाजपा, टीएमसी और संयुक्त मोर्चा समेत अन्य किसी पार्टी की रैली में कोई कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं हो रहा है
विज्ञापन
कोलकाता का परेड ब्रिगेड ग्राउंड
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत में कोरोना की दूसरी लहर ने हर तरफ तबाई मचाई हुई है। अलग अलग शहरों में शमशान गृहों के बाहर लगी लंबी लाइनें यह बताने के लिए काफी है कि कोविड 19 ने कितने लोगों की जिंदगी को लील लिया है। रोज संक्रमण के एक लाख से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। 

विज्ञापन


बंगाल में चुनाव मौसम जारी है, देश के बड़े-बड़े नेता चुनावी रैलियां कर रहे हैं। उनकी रैलियों में लाखों लोग अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। भाजपा, टीएमसी और संयुक्त मोर्चा (वाम-कांग्रेस-भारतीय सेक्युलर मोर्चा गठबंधन) समेत अन्य पार्टियों द्वारा आयोजित रैलियों में कोरोना की किसी भी गाइडलाइन का कोई पालन नहीं हो रहा है। न तो कोई सही से मास्क पहन रहा है और न सामाजिक दूरी का पालन ही कर रहा है।

चुनाव आयोग के द्वारा निर्धारित कोविड -19 सुरक्षा प्रोटोकॉल में से किसी एक पर अमल नहीं किया गया है। जनसभाओं में उमड़ रही भीड़ ने कोरोना नियमों की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं। कोई भी मास्क में नजर नहीं आता है। 
विज्ञापन


दक्षिण कोलकाता में संयुक्त मोर्चा द्वारा एक रैली में लोग छोटी सड़क के किनारे बैठे थे, जिसमें ज्यादातर लोग भीड़ में बिना मास्क के थे और कोई सामाजिक दूरी का भी पालन नहीं कर रहा था। यही हाल टीएमसी आयोजित रैलियों में हो रहा है। ऐसा ही हाल भाजपा नेताओं के रोड शो में भी देखने को मिला।

कौन सी पार्टी रैली के दौरान कर रही है कोरोना गाइड लाइन का पालन, जानिए इस प्रकार-

कोरोना नियम

भाजपा       

टीएमसी    

संयुक्त मोर्चा

लोगों ने पहना मास्क                           नहीं नहीं नहीं
नेताओं ने पहना मास्क नहीं हां नहीं
स्टेज पर सामाजिक दूरी हां हां नहीं
मैदान में सामाजिक दूरी नहीं नहीं नहीं
थर्मल स्क्रीनिंग नहीं नहीं नहीं
लोग और नेता सैनिटाइज हुए नहीं नहीं नहीं
मैदान में सामाजिक दूरी के निशान बनाए  हां नहीं नहीं
नेताओं ने अपने समर्थकों से नियमों का पालन करने को कहा नहीं नहीं नहीं


रैलियां भविष्य के लिए हो सकती हैं काफी जोखिम भरी
स्वास्थ्य विशेषतज्ञों का मानना है, ये रैलियां भविष्य के लिए काफी जोखिम भरी हो सकती हैं। बंगाल में अभी कई चरणों में चुनाव होने हैं और देश में कोरोना के मामले और उनसे होने वाली मौतें भयभीत कर रही हैं। वहीं एक मार्च से संक्रमण में 17.91% की वृद्धि देखी गई, और मंगलवार को 4,817 मामले सामने आए जो काफी चिंताजनक है।

पश्चिम बंगाल में कोविड-19 का संक्रमण फैल रहा है। अकेले कोलकाता में 8,600 के करीब कोविड-19 से संक्रमित लोग हैं। 25 परगना में सात हजार से अधिक सक्रिय मामले हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार राज्य में कुल 29,050 लोग कोविड के संक्रमित हैं।

पिछले 24 घंटे में 2500 से अधिक नए संक्रमित मिले हैं, जबकि 20 लोगों की संक्रमण से मृत्यु हो चुकी है। इस तरह से अब तक 10,343 लोग कोविड संक्रमण से अपनी जान गंवा चुके हैं। राज्य में अब तक 83,45,753 लोगों को कोविड की वैक्सीन लगाई जा चुकी है। इनमें से 73,28,568 लोगों को टीके की पहली और 10,17,185 को दूसरी डोज लग चुकी है। 

कोरोना ने बढ़ाई चुनाव आयोग की चिंता, 16 अप्रैल को बुलाई सर्वदलीय बैठक
निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य में सभी राजनीतिक दलों से बैठक के लिए केवल एक प्रतिनिधि भेजने को कहा गया है। बैठक में बाकी चार चरणों के लिए चुनाव प्रचार से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सामाजिक दूरी और कोविड-19 से जुड़े विभिन्न नियमों के पालन को लेकर चर्चा की जाएगी। अधिकारी ने कहा कि राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) जग मोहन और राज्य के स्वास्थ्य सचिव एन एस निगम भी बैठक में मौजूद रहेंगे।

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मंगलवार को निर्देश दिया था कि कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोतरी के मद्देनजर विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक दलों के प्रचार के संबंध में स्वास्थ्य संबंधी सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन होना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें