हैदराबाद में 2005 में हुए एक आत्मघाती बम बलास्ट में शामिल सभी आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर कर दिया है। आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी किया गया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि 'आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं, जो उन्हें दोषी साबित नहीं करते हैं।'
Hyderabad's Nampally court acquits all 10 accused in the 2005 Hyderabad bomb blast case.
— ANI (@ANI) August 10, 2017
हमले में शामिल 10 आरोपियों का बांग्लादेशी संगठन हरकतुल जिहाद-ए-इस्लामी (एचयूजेआई) से जुड़े होने की बात कही गई थी। इस पूरे मामले के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित की गई थी। एसआईटी की जांच में ही एचयूजेआई का नाम सामने आया था। बता दें कि सभी आरोपी बीते 10 साल से जेल में बंद थे।
पुलिस टॉस्क फोर्स के ऑफिस के सामने 12 अक्टूबर 2005 को एक आत्मघाती हमलावार ने खुद को उड़ा लिया था। हमलावर की पहचान एचयूजेआई के सदस्य डालिन के रूप में थी। हमले में एक गार्ड और एक व्यक्ति घायल हो गया था।