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Nagaland: नगालैंड में अजित पवार को बड़ा झटका, NCP के सभी विधायक NDPP में शामिल; सीएम रियो को मिला पूर्ण बहुमत

Sat, 31 May 2025 10:15 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोहिमा

सार

नगालैंड में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला है। 2023 के विधानसभा चुनावों में राज्य में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी एनसीपी के सभी सात विधायकों ने एनडीपीपी का दामन थाम लिया है। बता दें कि, पहले से ही एनसीपी, एनपीपी, एलजेपी, आरपीआई, जेडीयू और निर्दलीय विधायक राज्य सरकार को समर्थन दे रहे थे। 
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नेफियू रियो, सीएम, नगालैंड - फोटो : ANI
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विस्तार
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नगालैंड में बड़ी राजनीतिक हलचल हुई है। राज्य की नेफ्यू रियो सरकार को अब विधानसभा में पूर्ण बहुमत मिल गया है। इसकी वजह है - नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के सभी सात विधायकों का सत्तारूढ़ पार्टी नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) में शामिल होना। अब एनडीपीपी के विधायकों की संख्या 25 से बढ़कर 32 हो गई है। नगालैंड विधानसभा में कुल 60 सीटें हैं, यानी अब अकेले एनडीपीपी के पास बहुमत है।
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कौन-कौन से विधायक NDPP में हुए शामिल?
स्पीकर शेयरिंगेन लोंगकुमर की तरफ से जारी आदेश के अनुसार, सातों एनसीपी विधायकों ने खुद को प्रस्तुत किया और लिखित में एनडीपीपी में शामिल होने का फैसला सौंपा। इनके नाम:
  1. नमरी एनचांग – टेनिंग से
  2. पिक्टो शोहे – अतोइजू से
  3. वाई. मोहोनबेमो हम्तसोए – वोखा टाउन से
  4. वाई. मनखाओ कोन्याक – मॉन टाउन से
  5. ए. पोंगशी फॉम – लॉन्गलेंग से
  6. पी. लांगोन – नोकलाक से
  7. एस. तोइहो येप्थो – सुरुहोटो से
वहीं इस मामले में स्पीकर ने बताया कि यह विलय संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत वैध है और 2019 के 'विधायक अयोग्यता नियमों' के अनुसार इसे मंजूरी दे दी गई है।

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अब विधानसभा में किस दल के कितने विधायक?
  1. एनडीपीपी - 32
  2. भाजपा - 12
  3. एनपीपी - 5
  4. एलजेपी (रामविलास) - 2
  5. नगा पीपल्स फ्रंट - 2
  6. आरपीआई (अठावले) - 2
  7. जेडीयू - 1
  8. निर्दलीय - 4
रियो सरकार की ताकत और बढ़ी
राज्य सरकार के मंत्री और एनडीपीपी प्रवक्ता केजी केन्ये ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'आज शाम सातों एनसीपी विधायकों ने अपना विलय आवेदन स्पीकर को सौंपा, जिसे तुरंत स्वीकार कर लिया गया। इससे एनडीपीपी की ताकत अब 32 हो गई है।' उन्होंने कहा कि इससे मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो का नेतृत्व और मजबूत होगा और सरकार अब और अधिक प्रभावी ढंग से लोगों की सेवा कर पाएगी।

सीट बंटवारे और कैबिनेट फेरबदल
वहीं जब एनडीपीपी प्रवक्ता से पूछा गया कि इससे आगामी चुनावों में सीट बंटवारे पर असर पड़ेगा या नहीं, तो मंत्री केन्ये ने कहा कि, 'कोई स्थायी फार्मूला नहीं होता। हर चुनाव की अपनी परिस्थितियां होती हैं और उसी अनुसार समझौते तय होते हैं।' कैबिनेट फेरबदल की संभावना पर उन्होंने कहा कि, 'यह पूरी तरह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। हम जल्द उनसे मिलेंगे और यह फैसला उन्हीं पर छोड़ा गया है।'
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विधायकों ने एनसीपी क्यों छोड़ी?
मंत्री केन्ये ने यह भी कहा कि एनसीपी एक राष्ट्रीय पार्टी है, जिसकी प्राथमिकताएं पूरे देश से जुड़ी होती हैं। लेकिन एनडीपीपी एक क्षेत्रीय पार्टी होने के नाते नगालैंड जैसे राज्य के स्थानीय मुद्दों पर अधिक फोकस करती है। उनका कहना था कि एनडीपीपी की नीतियां स्थानीय जरूरतों के ज्यादा अनुकूल हैं और मुख्यमंत्री के नेतृत्व ने एनसीपी विधायकों को आकर्षित किया। अब एनसीपी विधायकों के एनडीपीपी में शामिल होने के बाद राज्य में एक बार फिर विपक्ष न के बराबर हो गया है और मुख्यमंत्री रियो की स्थिति पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो गई है।
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