एएमयू के माडर्न इंडियन लांग्वेजेज डिपार्टमेंट के चेयरमैन प्रो. डी मूर्ति की मौत के कारणों की जांच के लिए कुलपति जमीरउद्दीन शाह ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। कमेटी को अपनी रिपोर्ट 5 नवंबर तक कुलपति के समक्ष पेश करनी है।
प्रो. डी मूर्ति की सोमवार को एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में मृत्यु हो गई थी। वह कैंसर से पीड़ित थे और मृत्यु के एक दिन पहले उनका ऑपरेशन मेडिकल कॉलेज में हुआ था। आरोप है कि उनकी मृत्यु चिकित्सकों की लापरवाही के कारण हुई। सीएमओ ऑफिस एवं एनेस्थीसिया विभाग के बीच खींचतान के कारण दिल्ली रेफर की प्रक्रिया पूरी करने में करीब पांच घंटे का समय लग गया और समय पर एंबुलेंस तक उपलब्ध नहीं हुई।
मंगलवार को एएमयू छात्र संघ के अध्यक्ष फैजुल हसन, उपाध्यक्ष नदीम अंसारी एवं सचिव नबील उस्मानी के नेतृत्व में छात्रों का एक प्रतिनिधि मंडल कुलपति से मिला और प्रो. डी मूर्ति की मौत के कारणों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रो. डी मूर्ति की मृत्यु चिकित्सकों की लापरवाही से हुई है। एएमयू के दो छात्रों की मृत्यु भी लापरवाही के कारण पहले हो चुकी है। उन्होंने मृत्यु के लिए जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। छात्र नेताओं ने कहा कि प्रो. डी मूर्ति हमारे प्यारे शिक्षक थे। एएमयू छात्र संघ की मांग के बाद कुलपति ने इस मामले की जांच कराने की घोषणा की।
एएमयू पीआरओ उमर सलीम पीरजादा कुलपति ने जंतु विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. इकबाल परवेज की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। सदस्यों में सर्जरी विभाग के प्रो. मो. हबीब रजा एवं इतिहास विभाग के डॉ. एम सज्जाद शामिल हैं। जांच समिति को 5 नवंबर तक अपनी रिपोर्ट कुलपति को सौंपनी होगी।