एक नए वैज्ञानिक अध्ययन में सुझाव दिया गया है कि उन्नत बाह्य सभ्यताओं द्वारा निर्मित संभावित मेगास्ट्रक्चर के संकेत लाल बौने और श्वेत बौने तारों के आसपास खोजे जा सकते हैं। शोध के अनुसार ऐसी विशाल कृत्रिम संरचनाएं तारे के दृश्य प्रकाश का बड़ा हिस्सा अवशोषित कर उसे इन्फ्रारेड ऊष्मा के रूप में उत्सर्जित कर सकती हैं, जिससे उनकी पहचान सामान्य तारों से अलग हो सकती है।
ब्रह्मांड में एलियन यानी पृथ्वी के बाहर की बुद्धिमान और तकनीकी रूप से विकसित सभ्यताओं की तलाश को लेकर वैज्ञानिकों को नए सुराग मिले हैं। एक नए अध्ययन के मुताबिक, यदि किसी अत्याधुनिक बाह्य सभ्यता ने अपने तारे के चारों ओर ऊर्जा एकत्र करने वाली विशाल कृत्रिम संरचनाएं बनाई हैं, तो उनके संकेत लाल बौने और श्वेत बौने तारों के आसपास मिल सकते हैं।
विज्ञापन
शोधकर्ताओं का कहना है कि ऐसे संभावित एलियन मेगास्ट्रक्चर सामान्य तारों की तरह दिखाई नहीं देंगे, बल्कि उनकी कुछ अलग पहचान होगी। इन्हीं संभावित संकेतों को नए अध्ययन में विस्तार से बताया गया है। हालांकि वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि यह किसी एलियन सभ्यता की खोज नहीं, बल्कि उन्हें खोजने के संभावित वैज्ञानिक तरीकों पर आधारित अध्ययन है।
अध्ययन में सामने आई क्या बात?
साइंसडेली के अनुसार, अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ अर्कांसस ने ऐसे खगोलीय संकेतों का विश्लेषण किया है, जिनकी मदद से भविष्य में एलियन मेगास्ट्रक्चर की पहचान की जा सकती है। यह शोध फिलहाल प्री-प्रिंट मंच आर्काइव पर उपलब्ध है और वैज्ञानिक पत्रिका यूनिवर्स में प्रकाशित होना प्रस्तावित है। अध्ययन की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वैज्ञानिकों ने ऐसे संकेतों की पहचान की है, जिनके आधार पर सामान्य खगोलीय पिंडों और संभावित कृत्रिम संरचनाओं के बीच अंतर किया जा सकता है।
विज्ञापन
मिले कौन से वैज्ञानिक प्रमाण?
शोध में बताया गया है कि यदि किसी तारे के चारों ओर कृत्रिम संरचना मौजूद होगी तो वह तारे से निकलने वाले अधिकांश दृश्य प्रकाश को अपने भीतर समाहित कर लेगी। इसके बाद वही ऊर्जा ऊष्मा के रूप में इन्फ्रारेड विकिरण बनकर बाहर निकलेगी। यानी ऐसा तारा सामान्य तारों की तुलना में कहीं अधिक ठंडा दिखाई देगा। इतना ही नहीं, उसके आसपास सामान्य तारों की तरह धूल और गैस के संकेत भी नहीं मिलेंगे। वैज्ञानिकों का कहना है कि यही वे नए संकेत हैं, जिनके आधार पर भविष्य में संभावित एलियन मेगास्ट्रक्चर की पहचान की जा सकती है।