कोलकाता में 200 साल पुरानी विद्यासागर की मूर्ती टूटने वाली घटना की जांच को राज्य सरकार ने टीम का गठन किया है। ममता बनर्जी के आदेश पर पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त गृहमंत्री अलापन बंदोपाध्याय और 5 सदस्यों की कमिटी इस मामले की जांच करेगी।
गौरतलब है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान तृणमूल कांग्रेस और भाजपा कार्यकताओं में आपसी झडप हुई जिसके बाद इलाके में कई हिंसक घटनाएं हुई।
कोलकाता के विद्यासागर कॉलेज में ईश्वरचंद्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़ने की घटना 14 मई को हुई थी।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विद्यासागर की प्रतिमा को तोड़ने का आरोप भाजपा पर लगाया था। तृणमूल कांग्रेस के छात्र संगठन ने अपने मुंह पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया था।
वाम दल और टीएमसी के छात्र संगठन विरोध में कोलकाता की सड़कों पर उतर आए थे। सीपीआई(एम) ने कोलकाता की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया था। लोगों का कहना था कि दशकों से कभी ऐसी घटना नहीं हुई कि किसी ऐसे महान विभूति की मूर्ति तोड़ी गई हो।
सीपीएम के राष्ट्रीय महासचिव सीताराम येचुरी ने इस घटना की जांच की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि इस घटना की जांच होनी चाहिए कि ऐसी घटना आखिर कोलकाता में कैसे हुई। दूसरी ओर भाजपा बंगाल में हुए इस बवाल का सारा ठीकरा तृणमूल कांग्रेस पर फोड़ रही है।