मुफ्त में भोजन वितरित करने वाले विश्व के सबसे बड़े गैर सरकारी संगठन अक्षय पात्र फांउडेशन ने कहा कि उनका लक्ष्य वर्ष 2025 तक देश के 50 लाख बच्चों को भोजन मुहैया कराने का है।
अक्षय पात्र फांउडेशन अपनी तीसरी दशक की सेवा में प्रवेश कर चुका है। बीस साल पहले 11 नवंबर, 2000 को तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री मुरली मनोहर जोशी और कर्नाटक के तत्कालीन मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा ने फांउडेशन की पहली रसोई का उद्घाटन किया था।
फाउंडेशन ने एक बयान में कहा कि भारत सरकार की मिड डे मील फ्लैगशिप योजना के तहत योजना के कार्यान्वयन भागीदार के रूप में अक्षय पात्र ने 12 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के 19,039 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में 18 लाख से अधिक बच्चों को भोजन मुहैया कराया है।
अब तक 3.3 अरब थाली भोजना मुहैया कराया
फाउंडेशन ने कहा कि उसने 2000 में शुरुआत के बाद अब तक बच्चों को कुल मिलाकर 3.3 अरब से अधिक थाली भोजन मुहैया कराया है। अभी जब कोरोना वायरस महामारी के कारण देश भर में विद्यालय बंद हैं, ऐसे में कमजोर वर्गों को मदद देने के सरकार के प्रयासों के साथ सहयोग किया जा रहा है।