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Akhilesh Yadav vs Amit Shah: 'आप 20-25 साल और अध्यक्ष रहेंगे', अखिलेश यादव के तंज पर अमित शाह ने ऐसे ली चुटकी

Wed, 02 Apr 2025 02:50 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

लोकसभा में बुधवार को वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया गया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे सदन के पटल पर रखा। इसके बाद कांग्रेस की ओर गौरव गोगोई, फिर भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद और फिर अखिलेश यादव ने चर्चा में हिस्सा लिया।
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अखिलेश यादव और अमित शाह में वार-पलटवार - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक (उम्मीद एक्ट) पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच हंसी-मजाक के अंदाज में आरोप-प्रत्यारोप दिखाई दिया। दरअसल, वक्फ बिल पर बोलते हुए अखिलेश ने भारतीय जनता पार्टी के नए अध्यक्ष के चुनाव में देरी को लेकर तंज कसा। इस पर परिवारवाद का जिक्र कर पलटवार करते हुए शाह ने अखिलेश से कहा कि आप तो 25 साल तक अपनी पार्टी के अध्यक्ष बने रहेंगे, हमें कार्यकर्ताओं में से चुनना है, इसलिए समय लग रहा है। 

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उन्होंने कहा कि ये दावा करते हैं कि ये दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है, पर ये इतने दिनों से अपना अध्यक्ष नहीं चुन पा रहे हैं। इस पर सदन हंसी ठहाकों से गूं उठा। इस बीच अमित शाह ने कहा कि अखिलश जी ने हंसते हुए यह बात कही है, इसलिए मैं भी हंसते हुए ही जवाब देना चाहूंगा। उन्होंने कहा कि आपको तो परिवार के ही कुछ सदस्यों में से अध्यक्ष चुनना होता है, पर हमें अपने करोड़ों पंजीकृत सदस्यों में से लोकतांत्रिक तरीके से अध्यक्ष का चुनाव करना होता है। इसलिए हमें थोड़ा समय लगता है।

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आइए अब जाते हैं अखिलेश ने क्या कहा?
वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि जो पार्टी खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी कहती है, वह अभी तक अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं चुन पाई है।

अमित शाह ने दिया करारा जवाब
इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने चुटकी लेते हुए कहा कि मेरे सामने जितनी भी पार्टियां हैं, उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव कुछ परिवार के लोग ही करेंगे। हमें 12-13 करोड़ सदस्यों में से प्रक्रिया के बाद चुनना है। इसलिए इसमें समय लगता है। आपके मामले में तो ज्यादा समय नहीं लगेगा। मैं तो कह रहा हूं कि आप 25 साल तक अध्यक्ष बने रहेंगे।' अमित शाह की टिप्पणी पर अखिलेश यादव भी मुस्कुराते हुए नजर आए।

अप्रैल के दूसरे सप्ताह में मिल सकता है नया अध्यक्ष
अप्रैल के दूसरे सप्ताह में भाजपा को नया अध्यक्ष मिल सकता है। भाजपा बीते कुछ महीने से राष्ट्रीय अध्यक्ष की चुनाव प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है। वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के कार्यकाल को बीते करीब 13 महीने से लगातार विस्तार दिया जा रहा है। इस क्रम में सदस्यता अभियान और बूथ कमेटियां के चुनाव संपन्न होने के बाद प्रदेश अध्यक्षों के चुनाव संपन्न कराए जा रहे हैं।
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महाकुंभ और दिल्ली चुनाव की वजह से हुई देरी
दिल्ली विधानसभा चुनाव, उत्तर प्रदेश में महाकुंभ, कई राज्यों में जारी असंतोष और गुटबाजी के कारण पार्टी कुछ राज्यों में संगठन चुनाव का कार्य पूरा नहीं कर पाई। सूत्रों की मानें तो पार्टी नेतृत्व सियासी कारणों से दलित या दक्षिण को महत्व देना चाहता है। चूंकि विपक्ष भाजपा और मोदी सरकार के संदर्भ में आरक्षण और संविधान को खत्म करने की धारणा बनाने की लगातार कोशिश कर रहा है। इसके अलावा भविष्य की राजनीति के लिए विस्तार को अहमियत देने के लिए भाजपा की निगाहें दक्षिण भारत के राज्यों पर हैं। ऐसे में यह माना जा रहा है कि नया अध्यक्ष या तो दलित बिरादरी का होगा या फिर दक्षिण भारत से जुड़ा होगा।

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