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Yogi Vs Akhilesh: योगी के बयान पर अखिलेश बोले- अगर जगह कम है, कोई सड़क पर नमाज पढ़ भी रहा है तो क्या दिक्कत है

Tue, 19 May 2026 11:51 AM IST
Rahul Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

अमर उजाला संवाद के दूसरे दिन पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शिरकत की। उन्होंने कई मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नमाज वाले बयान पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पलटवार भी किया है। अखिलेश ने कहा कि मुद्दों को भटकाया जा रहा है और असली सवालों से ध्यान हटाया जा रहा है।
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पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अमर उजाला संवाद का मंच सजा हुआ है। राजधानी के होटल द सेंट्रम में 'अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026' का आयोजन हो रहा है। आज इस कार्यक्रम का दूसरा दिन है। जिसमें समाजवादी पार्टी के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सड़कों पर नमाज न पढ़ने  देनी की चेतावनी का जवाब दिया है। अखिलेश ने कहा कि अगर जगह कम है, कोई सड़क पर नमाज पढ़ भी रहा है तो क्या दिक्कत है।

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अखिलेश बोले- अगर जगह कम है तो क्या दिक्कत है?
मंगलवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सीएम योगी के बयान पर कहा कि, सड़कों पर क्या होना चाहिए, क्या नहीं होना चाहिए, इसके नियम हैं। पॉलिटिकल स्कोरिंग नहीं होनी चाहिए। सबसे अधर्मी पार्टी कोई है, तो भाजपा है। कल ही हमारे अधिवक्ता संघ के लोग विरोध करने निकले थे। उन पर लाठी चलाई। उन्हें पिटा गया, जबकि उनके हाथ में रामचरित मानस थी। अगर वे खुद को सनातनी कहते हैं तो वसुधैव कुटुंबकम होना चाहिए। हम तो सभी को अपनाते हैं। इनसे स्मार्ट सिटी तो बनी नहीं। स्मार्ट मीटर तक हटाने पड़ गए। तो क्या कहें सरकार को? 
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अखिलेश यादव ने आगे कहा कि जहां तक सड़क की बात है, तो हम चाहते हैं कि सड़कें और चौड़ी हों। वो इसलिए यह मुद्दा उठा रहे हैं, ताकि बहस दूसरी तरफ चली जाए। हमारी बहस मुद्दों पर न रहकर दूसरे विषयों पर चली जाए। कौन सड़क पर नमाज पढ़ रहा है? और अगर पढ़ भी रहा है, अगर जगह कम है तो क्या दिक्कत है? वो चाहते हैं कि हम दूसरी तरफ उलझ जाएं, लेकिन हम लोगों ने भी भाजपा से सीखा है। हम इनकी बातों में नहीं उलझेंगे। हम पहले पूछेंगे कि नीट का क्या हुआ, यह बताओ। 69 हजार लोगों का जो आरक्षण लूटा है, उस बारे में पूछेंगे।
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योगी ने क्या कहा था?
अमर उजाला संवाद के पहले दिन सोमवार को 'उत्तर प्रदेश: कल, आज और कल' विषय पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था, ''लोग आज पूछते हैं कि क्या यूपी में सड़कों पर सचमुच नमाज नहीं होती? हम कहते हैं कि कतई नहीं होती। आप जाकर देख लो। सड़कें चलने के लिए हैं या कोई भी व्यक्ति चौराहे पर आकर तमाशा बना देगा? क्या अधिकार है उसे सड़क रोकने और आवागमन बाधित करने का? जहां उसका स्थल होगा, वहां जाकर करें। लोगों ने कहा- कैसे होगा? हमारी संख्या ज्यादा है। हमने कहा- शिफ्ट में कर लो। घर में रहने की जगह नहीं है, तो संख्या नियंत्रित कर लो। नहीं है सामर्थ्य तो क्यों संख्या बढ़ाई जा रही है?'' 

ये भी पढ़ें: No Namaz On Roads: संवाद के मंच पर योगी, आखिर क्यों किया नमाज का जिक्र, क्या कहता है ऑल इंडिया मुस्लिम जमात?

मुख्यमंत्री ने कहा, ''अगर आपको सिस्टम के साथ रहना है, तो याद रखना कि नियम-कानून को मानना शुरू करें। कानून का राज होगा, कानून को सब के लिए समान रूप से लागू करेंगे। नमाज पढ़ना जरूरी है, तो शिफ्ट में पढ़ें। हम रोकेंगे नहीं, लेकिन सड़क पर नहीं...। सड़क चलने के लिए है। आम नागरिक के लिए है। काम नागरिक के लिए है। कर्मचारी के लिए है। हम उसे बाधित नहीं करेंगे। सरकार का नियम सार्वभौम है। सभी के लिए समान रूप से लागू होगा। हमने कहा कि अराजकता नहीं चलने देंगे। प्यार से मानेंगे तो ठीक बात है, नहीं मानेंगे तो दूसरा तरीका अपनाएंगे। हमारा काम है संवाद बनाना। आप संवाद से मानेंगे तो संवाद से, नहीं तो संघर्ष से भी देख लो। बरेली में लोगों ने हाथ आजमाने का काम किया, देख ली है ताकत।''

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