समाजवादी पार्टी में उठापटक के बाद अखिलेश यादव जाति कार्ड के जरिए सत्ता वापसी की उम्मीद में दिख रहे हैं। चुनाव से पहले अखिलेश ने यूपी के 17 पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने का प्रस्ताव कैबिनेट में पास कर जाति कार्ड खेला था। वहीं अब प्रत्याशियों के चयन में भी इसका असर साफ दिख रहा है।
सपा मुस्लिमों व यादवों को साधने के साथ ही पिछड़ों, अति पिछड़ों को भी जोड़ना चाहती है। पार्टी ने प्रत्याशियों की पहली सूची में पिछड़ी जातियों में कुर्मी, गुर्जर, जाट व लोधों को प्रतिनिधित्व दिया है। शाक्य, मांझी, कुशवाहा और सिखों को भी एक-एक टिकट दिया गया है।
पिछड़ी जातियों में 9 कुर्मी, 8 गुर्जर और 6 जाट प्रत्याशी बनाए गए हैं। लोध जाति के 5 उम्मीदवार हैं। कुशवाहा, शाक्य, मांझी को एक-एक सीट दी गई है। वैश्य समाज के 10 और दो कायस्थ उम्मीदवार हैं।