चुनाव निशान साइकिल नहीं मिलने की स्थिति में अखिलेश खेमा निर्वाचन आयोग के पास उपलब्ध अनारक्षित यानी फ्री सिंबल पर ही चुनाव लड़ने को तैयार है। अखिलेश खेमा अब नई पार्टी बनाने पर विचार नहीं कर रहा है, बल्कि सपा के एक धड़े के तौर पर निर्वाचन आयोग के फ्री सिंबल पर ही चुनाव लड़ने की रणनीति बना रहा है।
मोटरसाइकिल और नए नाम के साथ नई पार्टी के पंजीकरण के विकल्प को अखिलेश खेमा फिलहाल तैयार नहीं दिख रहा। समाजवादी पार्टी के इतिहास से जुड़े पुराने निशानों से मिलते जुलते चिन्ह पर चुनाव लड़ने पर विचार किया जा रहा है। किसान, हल जैसे निशानों को भी अपनाया जा सकता है। फ्री सिंबल चुनाव आयोग के पास उपलब्ध ऐसे चुनाव चिन्ह होते हैं जो किसी पार्टी या निर्दलीय उम्मीदवार के पास नहीं हैं।