मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कांग्रेस के साथ गठबंधन की राह पर चलने वाले हैं। इसकी तस्दीक मुख्यमंत्री की सूची में भी हो रही है। उन्होंने अपनी सूची में कांग्रेस के पांच वर्तमान विधायकों की ही सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े किए हैं।
अखिलेश ने कांग्रेस के 15 वर्तमान विधायकों की सीटों पर फिलहाल प्रत्याशी नहीं खड़े किए हैं। दरअसल, अखिलेश यादव खुद कई बार सार्वजनिक मंच से यह कह चुके हैं कि यदि कांग्रेस के साथ गठबंधन हो जाएगा तो 300 से अधिक सीटें आ जाएंगी। हाल ही में प्रियंका गांधी से उनकी मुलाकात को भी इसी नजरिए से देखा जा रहा है। कांग्रेस आलाकमान भी यह चाहता है कि उसका गठबंधन हो जाए। क्योंकि आलाकमान यह जानता है कि सूबे में पार्टी की चुनाव तैयारियां जीरो हैं। यही वजह है कि कांग्रेस आलाकमान भी प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर को बगैर विश्वास में लिए गठबंधन की राह पर चल रही है।
इसका मुख्य कारण मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का राजबब्बर को पसंद न करना भी है। ऐसे में जब बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री ने 235 प्रत्याशियों की अपनी सूची जारी की तो उसमें 64 वे सीटें भी हैं जहां सपा के विधायक नहीं हैं। इसमें से पांच सीटें ऐसी हैं जहां कांग्रेस के वर्तमान विधायक हैं। अखिलेश ने इन सीटों पर भी अपने प्रत्याशी खड़े कर दिए हैं। लेकिन 15 सीटों पर अभी प्रत्याशी नहीं उतारे हैं। अखिलेश यादव ने देवबंद सीट से कांग्रेस विधायक माविया अली की सीट पर मीना राणा को टिकट दिया है। माविया उपचुनाव में मीना राणा को ही हराकर विधायक बने थे।
शामली से कांग्रेस विधायक पंकज मलिक की सीट पर मनीष कुमार चौहान को टिकट दिया है। रामपुर की बिलासपुर से अखिलेश ने बीना भारद्वाज को टिकट दिया है। यह सीट भी कांग्रेस केसंजय कपूर की है। इलाहाबाद उत्तरी सीट से संदीप यादव को टिकट दिया गया है। यह सीट भी कांग्रेस के अनुग्रह नारायण सिंह की है। वे यहां से विधायक हैं। मिर्जापुर के मड़िहान सीट से रविन्द्र सिंह पटेल को टिकट दिया गया है। यह सीट भी कांग्रेस के विधायक ललितेशपति त्रिपाठी की है।
इन कांग्रेसी सीटों को मुख्यमंत्री ने फिलहाल छोड़ा
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व सपा सुप्रीमो मुलायम
- फोटो : amar ujala
मथुरा-प्रदीप माथुर
हापुड़-गजराज सिंह
खुर्जा-बंशी सिंह पहाड़िया
गजदीशपुर- राधेश्याम कनौजिया
किदवईनगर-अजय कपूर
काली-उमाकान्ती सिंह
राठ-गयादीन अनुरागी
तिंदवारी-दलजीत सिंह
बांदा-विवेक कुमार सिंह
रामपुर खास-अराधना मिश्रा मोना
नौतनवां-कौशल किशोर सिंह मुन्ना
तमकुहीराज-अजय कुमार लालू
रूद्रपुर-अखिलेश प्रताप सिंह
जौनपुर-नदीम जावेद
पिंडरा-अजय राय
रालोद से भी गठबंधन के लिए छोड़े रास्ते
चौधरी अजित सिंह
- फोटो : amar ujala
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के साथ ही राष्ट्रीय लोकदल से गठबंधन के लिए राहे छोड़ दी हैं। यही वजह है कि अखिलेश यादव ने रालोद के आठ वर्तमान विधायकों की सीटों में से मात्र दो में ही अपने प्रत्याशी उतारे हैं। इनमें मुजफ्फरनगर की खतौली व बागपत की छपरौली सीट शामिल हैं।
खतौली सीट से चन्दन चौहान को टिकट दिया है। इस सीट से रालोद के करतार भडाना विधायक हैं।
इसी प्रकार छपरौली से वीरपाल राठी विधायक हैं। यहां से अखिलेश ने मनोज चौधरी को टिकट दिया है। हालांकि मुख्यमंत्री ने रालोद की गढ़ वाली छह सीटों को नहीं छुआ है। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि मुख्यमंत्री कांग्रेस के साथ ही रालोद से भी गठबंधन करना चाहते हैं।