कैराना से लोगों के पलायन संबंधी भाजपा की रिपोर्ट को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसे झूठ का पुलिंदा करार दिया है। उन्होंने कहा कि कैराना से पलायन करने की बात कहते हुए जो सूची सौंपी गई थी, प्रदेश सरकार ने उनकी जांच कराई है।
इनमें से कोई 15 साल पहले तो कोई 20 साल पहले ही अपने कारोबार के सिलसिले में कैराना छोड़ चुके थे। साथ ही सूची में शामिल कई लोगों की मौत हो चुकी है। हर आदमी को विकास का हक है और लोग कारोबारी सिलसिले में जगह बदलते रहते हैं।
लखीमपुर खीरी में लखीमपुर-सीतापुर फोरलेन सहित कई योजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण करने के बाद मुख्यमंत्री ने राजकीय इंटर कॉलेज में जनता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश का माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। अगर लोगों को कैराना पर ही बहस करनी है तो ये भी देख लें कि दिल्ली और मुंबई में न जाने कहां-कहां के लोग जाकर बसे हैं।
सीएम ने कहा कि मैं तमाम दलों से कहता हूं कि हमसे मुकाबला कर लो। उन्होंने सवाल दागे कि सब की खुशहाली की बात कह कर केंद्र की सरकार बनी थी लेकिन दो साल में कितनी खुशहाली आई? यूपी से पहली बार एक ही पार्टी के इतने सांसद जीत कर संसद गए लेकिन यूपी को मिला क्या है।