नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ आंदोलन करने के चलते जेल में बंद सामाजिक कार्यकर्ता अखिल गोगोई ने जेल से एक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने एनआईए की हिरासत में रहने के दौरान शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है।
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चिट्ठी में दावा किया गया है कि एनआईए के अधिकारियों ने उनके सामने आरएसएस में शामिल होने पर तुरंत जमानत देने की पेशकश की थी। उन्होंने आगे लिखा, एनआईए मुख्यालय में मुझे लॉकअप नंबर-1 में रखा गया और केवल एक मैला कंबल दिया गया था। मैं 3-4 डिग्री तापमान में जमीन पर सोया था। एनआईए के अधिकारियों ने मुझे विधानसभा चुनाव लड़ने और मंत्री बनने का भी लालच दिया था।