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सीबीआई विवाद: अस्थाना मामले की जांच कर रहे बस्सी ने अपने ट्रांसफर को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

Tue, 30 Oct 2018 11:27 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सीबीआई अधिकारी एके बस्सी
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सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के कथित घूसखोरी मामले की जांच करने वाली समिति में डीएसपी ए के बस्सी भी शामिल थे। उनका पिछले दिनों अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में तबादला कर दिया गया है। मंगलवार को वह सरकार के इस फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय पहुंचे। उन्होंने इसपर तुरंत सुनवाई करने की मांग की जिसे कि न्यायलय ने ठुकरा दिया। 

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सरकार ने राकेश अस्थाना द्वारा व्यवसायी सतीश बाबू सना से 3 करोड़ रुपये घूस लेने के मामले की जांच कर रहे जांच अधिकारी एके बस्सी का ट्रांसफर कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ मंलगवार को बस्सी ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और तुरंत सुनवाई की मांग की। जिसे अदालत ने स्वीकार करने से मना कर दिया। बस्सी ने कहा कि 24 अक्तूबर को उनका तबादला अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में कर दिया गया जो ‘बदनीयत’ से किया गया है और इससे संवेदनशील जांच बेपटरी हो सकती है।

जांच अधिकारी एके बस्सी की कहना है कि उनके पास राकेश अस्थाना के खिलाफ भ्रष्टाचार मामले में पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि यदि उच्चतम न्यायालय टेक्निकल सर्विलांस के जरिए सबूत मांगती है तो वह उन्हें दे सकते हैं। बस्सी ने अस्थाना पर लगे आरोपों की जांच करने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करने की भी मांग की।
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वहीं उच्चतम न्यायालय ने हैदराबाद पुलिस को मंगलवार को निर्देश दिया कि वह सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ कथित रिश्वतखोरी मामले में शिकायतकर्ता व्यापारी सतीश सना को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराए। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति यू यू ललित और न्यायमूर्ति के एम जोसफ की पीठ ने सना के खिलाफ जारी सीबीआई के समन पर रोक लगाने से इंकार कर दिया।

इसके अलावा सना की वह याचिका भी खारिज कर दी जिसमें उन्होंने उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश ए के पटनायक की मौजूदगी में अपना बयान दर्ज कराने की मांग की थी। सीबीआई के विशेष निदेशक के खिलाफ प्राथमिकी सना की शिकायत पर ही दर्ज की गई थी। सना ने सोमवार को शीर्ष अदालत से पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने और पूछताछ के लिए एजेंसी द्वारा भेजे गए समन पर रोक लगाने की गुहार लगाई थी।

बता दें कि राकेश अस्थाना के खिलाफ आरोपों के जांच अधिकारी (आईओ) एके बस्सी का तबादला पोर्ट ब्लेयर कर दिया गया। अस्थाना ने सीवीसी से की गई शिकायत में बस्सी पर निदेशक आलोक वर्मा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था। इसके साथ ही निगरानी विभाग के अति महत्वपूर्ण पद पर काम कर रहे डीआईजी अनीस प्रसाद को प्रशासन विभाग भेज दिया गया है। आर्थिक अपराध यूनिट-1 के केआर चौरसिया को प्रसाद की जगह अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। एक अन्य निगरानी अधिकारी एस एस गुरुम को जबलपुर भेजा गया है। 
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