फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद: बोम्मई की टिप्पणी के बाद अजीत पवार की केंद्र से दखल की मांग, जानें पूरा मामला

Thu, 24 Nov 2022 04:16 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

बुधवार की शाम बोम्मई ने ट्वीट किया, महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कर्नाटक-महाराष्ट्र सीमा मुद्दे पर 'भड़काऊ' बयान दिया है और उनका सपना कभी पूरा नहीं होगा। हमारी सरकार देश की भूमि, पानी और सीमाओं को बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। 
विज्ञापन
महाराष्ट्र के पूर्व उप मुख्यमंत्री व राकांपा नेता अजित पवार - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महाराष्ट्र में विपक्ष के नेता अजीत पवार ने गुरुवार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की उस टिप्पणी की निंदा की है, जो उन्होंने दोनों राज्यों के सीमा विवाद को लेकर की है। पवार ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से जवाब देने को कहा है। उन्होंने इस मामले में केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की है। 

विज्ञापन

फडणवीस ने बोम्मई के बयान को बताया भड़काऊ

देवेंद्र फडणवीस (फाइल) - फोटो : पीटीआई
दरअसल, बुधवार की शाम बोम्मई ने ट्वीट किया, महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कर्नाटक-महाराष्ट्र सीमा मुद्दे पर 'भड़काऊ' बयान दिया है और उनका सपना कभी पूरा नहीं होगा। हमारी सरकार देश की भूमि, पानी और सीमाओं को बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। 

फडणवीस ने कहा था कि महाराष्ट्र का कोई भी गांव कर्नाटक में नहीं जाएगा। उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि बेलगाम-करवार-निपानी समेत मराठी भाषी गांवों को पाने के लिए राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से लड़ाई लड़ेगी। 
 

केंद्र को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए : अजीत पवार

अजीत पवार - फोटो : एएनआई (फाइल)
इस मुद्द पर प्रतिक्रिया देते हुए पवार ने कहा, सागली जिले में जाट तालुका के गांवों पर दावा करने के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने अब अक्कलकोट और सोलापुर पर भी दावा किया है। मैं कर्नाटक के मुख्यमंत्री के बयान की कड़ी निंदा करता हूं। 

पवार ने आगे कहा, हमारे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को कड़ा जवाब देना चाहिए। केंद्र को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए। मामला अदालत में लंबित है। यह लोगों का महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए है। 
विज्ञापन

पॉलिटिकल टूल बन गई है सीमा रेखा :  बसवराज बोम्मई

बसवराज बोम्मई - फोटो : Social Media
इससे पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री बोम्मई ने कहा था कि सीमा रेखा महाराष्ट्र में राजनीतिक उपकरण (पॉलिटीकल टूल) बन गई है और सत्ता में रहने के लिए कोई भी पार्टी राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस मुद्दे को उठाएगी। बोम्मई ने कहा था कि मेरी सरकार कर्नाटक की सीमाओं की रक्षा करने में सक्षम है और उसने कदम भी उठाए हैं। 
 
बोम्मई ने दावा किया कि महाराष्ट्र के सांगली जिले कुछ गांवों ने कर्नाटक के साथ विलय की मांग करते हुए एक प्रस्ताव को पारित किया है। ये गांव पानी के संकट से जूझ रहे हैं। हालांकि, महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री ने इन दावों का खंडन किया और कहा कि ऐसे किसी गांव ने हाल के दिनों में कर्नाटक के साथ विलय की मांग नहीं की है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें