Maharashtra: अजीत पवार ने कहा, "सरकार को सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को गंभीरता से लेना चाहिए।" उन्होंने कहा कि जो लोग सत्ता में हैं उन्हें इस बात पर विचार करना चाहिए कि सर्वोच्च न्यायालय ने ऐसा क्यों कहा? उन्होंने कहा कि इस मसले पर तत्काल बैठक बुलाई जानी चाहिए।
महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता अजीत पवार ने गुरुवार को राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हेट स्पीच पर सप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का हवाला देते हुए सरकार को घेरा। पवार ने कहा कि कई पार्टियां इस मसले को लगातार उठाती रही हैं।
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औरंगाबाद हिंसा पर पवार बोले- शांति में खलल डालने की हो रही कोशिश
बुधवार की रात औरंगाबाद में हुई हिंसा का जिक्र कते हुए एनसीसी नेता ने कहा कि शांति में खलल डालने की कोशिश की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक अवमानना याचिका की सुनवाइ्र करते हुए हेट स्पीच से संबंधित मामलों में राज्य सरकारों की ओर से केस दर्ज करने में लापरवाही बरतने पर सख्त टिप्पणी की थी।
कोर्ट ने कहा था कि हम इस अवमानना याचिका की सुनवाई कर रहे हैं क्योंकि राज्य सरकारें समय पर कदम नहीं उठातीं हैं। ऐसा इसलिए हैं क्योंकि राज्य सरकारें असहाय व उर्जाविहीन हो गई है और समय पर कार्रवाई नहीं करती है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर राज्य सरकारों को कुछ करना ही नहीं है तो फिर उनके राज्य बने रहने का क्या मतलब है।
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सरकार को सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर गंभीरता से विचार करना चाहिए: पवार
पवार ने कहा, कल सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को एक अक्षम सरकार बताया। क्या यह महाराष्ट्र के लिए शर्म की बात नहीं है? यह एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस सरकार के लिए शर्मिदगी भरा विषय है। नासिक जिले के दौरे पर पहुंचे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता अजीत पवार ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे कड़े शब्दों का इस्तेमाल कभी किसी सरकार के लिए नहीं किया है।
पवार ने कहा, "सरकार को सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को गंभीरता से लेना चाहिए।" उन्होंने कहा कि जो लोग सत्ता में हैं उन्हें इस बात पर विचार करना चाहिए कि सर्वोच्च न्यायालय ने ऐसा क्यों कहा? उन्होंने कहा कि इस मसले पर तत्काल बैठक बुलाई जानी चाहिए।