स्थानीय निकाय चुनाव के पहले चरण में 246 नगर पालिका परिषदों और 42 नगर पंचायतों के दो दिसंबर को चुनाव होने हैं। नगर निगमों, जिला परिषदों और ग्राम पंचायतों के लिए चुनाव अगले साल जनवरी के महीने में होने वाले दूसरे चरण में होंगे।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने बुधवार को आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए महायुति गठबंधन की रणनीति पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ चर्चा की। मुंबई में मुख्यमंत्री के आधिकारिक निवास पर बैठक के बाद प्रफुल्ल पटेल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ज्यादातर जगहों पर महायुति गठबंधन के घटक दल- भाजपा, शिवसेना और राकांपा स्वतंत्र तौर पर चुनाव लड़ेंगे। इनमें भंडारा और गोंदिया जिले भी शामिल हैं।
विज्ञापन
एनसीपी नेता पटेल ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव जमीनी कार्यकर्ताओं के इलेक्शन होते हैं और उन्हें भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव में दोस्ताना मुकाबले भी हो सकते हैं। सीएम फडणवीस के साथ बैठक को लेकर पूछे गए सवाल पर पटेल ने कहा कि उन्होंने और राकांपा अध्यक्ष अजित पवार ने गठबंधन की रणनीति पर चर्चा की।
स्थानीय निकाय चुनाव के पहले चरण में 246 नगर पालिका परिषदों और 42 नगर पंचायतों के दो दिसंबर को चुनाव होने हैं। नगर निगमों, जिला परिषदों और ग्राम पंचायतों के लिए चुनाव अगले साल जनवरी के महीने में होने वाले दूसरे चरण में होंगे। इससे पहले महाराष्ट्र के मंत्री और एनसीपी नेता हसन मुश्रीफ ने कोल्हापुर जिले में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा से मुकाबला करने के लिए विपक्षी राकांपा (शरद पवार) के नेता समरजीत घाटगे के साथ हाथ मिला लिया था।
विज्ञापन
घाटगे और मुश्रीफ कागल की राजनीति में कट्टर प्रतिद्वंद्वी माने जाते हैं। पिछले साल के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा में रहे घाटगे राकांपा (शरद पवार) में शामिल हो गए थे, क्योंकि भाजपा ने कागल निर्वाचन क्षेत्र मौजूदा विधायक मुश्रीफ को दे दिया था। मुश्रीफ ने चुनाव में घाटगे को हराया था।
दोनों प्रतिद्वंद्वियों ने कागल नगर परिषद और पड़ोसी मुरगुड नगर परिषद चुनावों के लिए मंगलवार को अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के गठबंधन की घोषणा करने के लिए एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की।