महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री रहे अजित पवार के प्लेन क्रैश हादसे में एक अपडेट सामने आया हैं। अब इस हादसे की जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) को सौंपी गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि 28 जनवरी को महाराष्ट्र के बारामती में क्रैश हुए विमान लीयरजेट-45 की विस्तृत जांच एएआईबी द्वारा की जा रही है। यह जांच विमान दुर्घटना और घटना जांच नियम, 2017 के तहत हो रही है। इसके साथ ही जांच प्रक्रिया को आईसीएओ (अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन) के परिशिष्ट-13 के अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि जांच निष्पक्ष और तकनीकी नियमों के अनुरूप पूरी की जा सके।
डीजीसीए ने बताया, विमान में दो फ्लाइट रिकॉर्डर लगे थे। जो हादसे के बाद लंबे समय तक आग और अत्यधिक गर्मी के संपर्क में रहे। इसके बावजूद जांच एजेंसियों ने डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (डीएफडीआर) से डेटा सफलतापूर्वक डाउनलोड कर लिया है। इस डेटा से उड़ान के दौरान विमान की तकनीकी स्थिति और ऑपरेशनल इनपुट्स से जुड़ी अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। मंत्रालय ने आगे बताया कि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर सीवीआर की तकनीकी जांच अभी जारी है। रिकॉर्डर से डेटा निकालने और उसकी रिकवरी के लिए उस देश के विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है, जहां यह उपकरण तैयार किया गया था। माना जा रहा है कि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर से कॉकपिट के अंदर की बातचीत समेत अलर्ट्स जैसी अहम जानकारी मिल सकती है, जो हादसे की वजह समझने में मदद करेगी।
एएआईबी ने स्पष्ट किया है कि विमान हादसे की जांच पूरी तरह तकनीकी मानकों और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार की जा रही है, ताकि निष्पक्ष और सबूत आधारित निष्कर्ष निकाला जा सके। ब्यूरो ने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने तक किसी भी तरह की अटकलों और अफवाहों से बचें। एजेंसी का कहना है कि जांच से जुड़ी पूरी जानकारी समय पर साझा की जाएगी। इस बीच इस हादसे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी सामने आई है। दो फरवरी को एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक और अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने दावा किया था, उनके चाचा अजित पवार की मौत के पीछे साजिश हो सकती है। उन्होंने मांग की थी,मामले की जांच विशेषज्ञ एजेंसियों से कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। कई विपक्षी दलों ने भी इसे सुनियोजित साजिश बताते हुए इस हादसे की उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी।
28 जनवरी की सुबह वीएसआर वेंचर्स कंपनी का लीयरजेट-45 प्लेन बारामती में क्रैश हुआ था। इसका ब्लैक बॉक्स अगले दिन बरामद किया गया था। इसी में ब्लैक बॉक्स में फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर भी है। इस हादसे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित पांच लोगों की मौत हो गई थी। पवार स्थानीय निकाय चुनावों से पहले अपने गृह क्षेत्र बारामती में चार चुनावी रैलियों को संबोधित करने वाले थे।