रोहित पवार, नेता, एनसीपी (शरद गुट)
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महाराष्ट्र की राजनीति में अजीत पवार प्लेन क्रैश मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। एनसीपी एसीपी विधायलक रोहित पवार ने पुणे में महाराष्ट्र के सीआईडी अधिकारियों से मुलाकात के बाद जांच की प्रगति पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इतने दिनों के बाद भी जांच में कुछ भी ठोस सामने नहीं आया है, जिससे यह संदेह पैदा होता है कि सत्ता और राजनीतिक हलकों में किसी तरह का दबाव है।
रोहित ने लगाए गंभीर आरोप
रोहित पवार ने आरोप लगाया कि विमान ऑपरेटर कंपनी वीएसआर वेंचर्स के प्रमुख वीके सिंह के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने दावा किया कि वीके सिंह के केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू से संबंध हैं, जिसके चलते कार्रवाई में देरी हो रही है। उनका कहना है कि अगर सख्त जांच होती है तो कई बड़े नेताओं के नाम सामने आ सकते हैं।
पूरा महाराष्ट्र एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहा
उन्होंने यह भी कहा कि पूरा महाराष्ट्र इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहा है, लेकिन सीआईडी फिलहाल केवल इनक्वायरी कर रही है, न कि आपराधिक जांच। रोहित पवार ने आशंका जताई कि सत्ता में बैठे लोग चाहते हैं कि मामला धीरे-धीरे ठंडा पड़ जाए। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस 4 मई के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर इस मामले पर चर्चा करेंगे।
सीएम फडणवीस ने गृह मंत्रई को लिखा था पत्र
इससे पहले, 18 मार्च को मुख्यमंत्री फडणवीस ने अमित शाह को पत्र लिखकर इस हादसे की समयबद्ध, पारदर्शी और व्यापक जांच की मांग की थी। उन्होंने अपने पत्र में कई अहम बिंदुओं का जिक्र किया, जिनमें विमान ऑपरेटर वीएसआर वेंचर्स का सुरक्षा रिकॉर्ड, विमान रखरखाव और एयरवर्थिनेस, फ्लाइट डेटा में संभावित गड़बड़ी, लैंडिंग के दौरान लिए गए फैसले और नियामकीय निगरानी की पर्याप्तता शामिल हैं।
दरअसल, 28 जनवरी 2026 को पुणे जिले के बारामती एयरपोर्ट के पास एक बड़ा विमान हादसा हुआ था। अजित पवार जिस लियरजेट 45 विमान (VT-SSK) से मुंबई से बारामती जा रहे थे, वह लैंडिंग के दौरान रनवे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में अजीत पवार समेत कुल पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें उनके निजी सुरक्षा अधिकारी, एक फ्लाइट अटेंडेंट और दो पायलट शामिल थे। बताया गया कि अजीत पवार जिला पंचायत चुनाव के प्रचार के लिए बारामती जा रहे थे। हादसे के बाद से ही इसकी परिस्थितियों को लेकर कई सवाल उठते रहे हैं।
रोहित पवार लगातार इस घटना को लेकर साजिश की आशंका जताते रहे हैं। उनका आरोप है कि बड़ी ताकतें इस मामले में शामिल लोगों को बचाने की कोशिश कर रही हैं।