विदेश मंत्रालय ने ब्लूमबर्ग की उस रिपोर्ट का खंडन किया है, जिसमें दावा किया गया था कि भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के बीच बैठक हुई थी। क्या है मामला, पढ़ें रिपोर्ट-
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच मुलाकात से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट का खंडन किया और उसे बेबुनियाद बताया। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ब्लूमबर्ग में छपी इस बैठक की रिपोर्ट के बारे में पत्रकारों के सवालों पर कहा, इसका कोई आधार नहीं है। ऐसी कोई मुलाकात या यात्रा नहीं हुई है।
विज्ञापन
रिपोर्ट में क्या दावा किया गया था?
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की सहमति की घोषणा के बाद अमेरिकी मीडिया संस्थान ब्लूमबर्ग ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसमें कहा गया था कि डोभाल ने पिछले सितंबर में अमेरिका का दौरा कर दोनों देशों के बीच संबंध सुधारने की कोशिश की थी। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने इस दौरान रुबियो से मुलाकात की थी। डोभाल ने इस दौरान रूबियो को पीएम मोदी का संदेश देते हुए कहा था कि भारत राष्ट्रपति ट्रंप और उनके शीर्ष सहयोगियों की धमकियों के आगे नहीं झुकेगा। भारत अतीत में भी प्रतिकूल अमेरिकी सरकारों का सामना कर चुका है और वह झुकने की बजाय ट्रंप का कार्यकाल खत्म होने की प्रतीक्षा करेगा। अब जायसवाल ने इस रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ऐसी कोई बैठक या दौरा नहीं हुआ था।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपनी साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से संबंधित सवालों का भी जवाब दिया।
उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हुई सकारात्मक बातचीत का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पारस्परिक शुल्क में कमी के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद दिया।
उन्होंने बताया कि यह व्यापार समझौता अमेरिका को हमारे निर्यात को काफी बढ़ावा देगा। इससे भारत के श्रम प्रधान उद्योगों को भी काफी प्रोत्साहन मिलेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और हमारे लोगों के लिए विकास और समृद्धि आएगी।