जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को समाप्त करने के बाद से जम्मू कश्मीर में 11 दिन तक रहने के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल दिल्ली लौट आए। डोभाल ने घाटी के दौरे पर यह सुनिश्चित किया कि किसी को भी जानमाल का नुकसान नहीं हो।
उनके दौरे से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया था जिसमें देखा जा सकता है कि वह स्थानीय लोगों से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने शोपियां में स्थानीय लोगों के साथ खाना भी खाया। शोपियां आतंकवादी गतिविधियों के लिए बदनाम है।
डोभाल ने जम्मू कश्मीर में सुबह-शाम संबंधित सुरक्षा अधिकारियों से लेकर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठकें करते। वह सभी से उनके कार्यों की जानकारी लेते और कानून व्यवस्था की स्थिति का जायजा लेते। डोभाल हालात के आधार पर अल्पकालिक और दीर्घकालिक कार्ययोजना को अंतिम रूप देने का कार्य करते।
जम्मू कश्मीर के दौरे के दौरान डोभाल सुरक्षाबलों के साथ-साथ स्थानीय लोगों से भी मुलाकात की। वह अनंतनाग, कुलगाम और पंपोर भी गए। इसके अलावा उन्होंने उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले का भी दौरा किया। उन्होंने स्थानीय युवकों से मौजूदा हालात और केंद्र के फैसले पर बातचीत भी की।
सुरक्षा संबंधित अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने घाटी में कानून व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने की सख्त हिदायत दे रखी थी। उन्हें कहा गया था कि वह किसी भी सूरत में नागरिक जनहानि से बचें।