राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष जनरल (सेवानिवृत्त) नासिर जंझुआ से कहा है कि किसी भी ठोस वार्ता के लिए पाकिस्तान को पहले भारत में पाक की ओर से आतंक के निर्यात को रोकना होगा। डोभाल ने 29 सितंबर को भारतीय सेना द्वारा किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में जानकारी देने के लिए जंझुआ से 1 अक्टूबर को फोन पर बात की थी।
उसी वक्त डोभाल ने पाक को कड़े शब्दों में कहा कि, दोनों देशों के बीच बातचीत तभी संभव है जब पाकिस्तान भारत में आतंकियों के निर्यात पर रोक लगाए। हिंदुस्तान टॉइम्स की खबर के मुताबिक डोभाल ने पाकिस्तानी सुरक्षा सलाहकार जंझुआ से 18 सितंबर को हुए उड़ी हमले के बाद से एक बार भी फोन पर बात नहीं की। भारत के मुताबिक पाकिस्तान पठानकोट हमले के बाद किए गए अपने वादे पर खरा नहीं उतर सका।
डोभाल ने 1 जनवरी को जंझुआ को फोन कर पठानकोट एयरवेस के निकट आतंकियों के ठिकाने के बारे में जानकारी दी थी। और सियालकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के हैंडलर काशिफ जान का मोबाइल नंबर भी दिया था। इन सब सबूतों के बावजूद भी जंझुआ पठानकोट जैसे बड़े हमले को रोकने में नाकाम रहे।