AIUDF के विधायक अमीनुल इस्लाम सीएम सरमा पर हमला बोलते।
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के सब्जी की कीमतों पर बढ़ोतरी को लेकर मिया समुदाय के मुस्लिमों को जिम्मेदार ठहराने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के विधायक अमीनुल इस्लाम ने भाजपा पर समुदायों को जाति और धर्म के आधार पर विभाजित करने का आरोप लगाया।
एआईयूडीएफ विधायक अमीनुल इस्लाम ने पत्रकारों से कहा कि भाजपा लाभ पाने के लिए समुदायों को जातिपात और धर्म के नाम पर बांटने की रणनीति अपनाती है। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा को दिख रहा है कि उत्तर-पूर्व उनके पक्ष में नहीं जा रहा है, इसलिए असम में समुदायों के बीच खाई पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी तभी मिया- मिया करके समुदायों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। वह एक प्रतिष्ठित पद पर हैं, ऐसे में इस तरह के बयान देना शोभा नहीं देता है। अमीनुल इस्लाम ने सरमा के बयान की निंदा की। कहा कि अगर यह सब होने के बाद कोई घटना घटती है तो इसके लिए सरकार और सीएम हिमंत बिस्वा सरमा जिम्मेदार होंगे। उनके बयान से भाईचारे को नुकसान पहुंच सकता है।
पत्रकारों के एक सवाल का जवाब देते हुए विधायक ने कहा कि वो तो चाहते हैं कि हम दंगा करें, सड़कों पर उतरें तो उनको इसका लाभ मिलेगा। हालांकि, हम सोच रहे हैं कि ऐसा नहीं होना चाहिए। उन्होंने आगे असम के लोगों से अपील की कि कुछ लोग दंगा भड़काने और समुदायों के बीच में दरार लाने की कोशिश कर रहे हैं। इस पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि हम सब साथ मिलकर रहेंगे। किसी राजनीतिक पार्टी की बात में आकर दंगा नहीं करने लगेंगे।
यह है पूरा मामला
हिमंत सरमा ने गुरुवार को कहा था कि पूर्वी बंगाल मूल के मुसलमान असम के लोगों से ऊंची कीमतें ले रहे हैं। उन्होंने कहा था कि गुवाहाटी में मिया लोगों ने स्थानीय सब्जी बाजारों पर नियंत्रण कर लिया है। अगर कोई असमिया युवक सब्जियां बेच रहा होता, तो वह अन्य असमिया साथी नागरिकों से बढ़ी हुई कीमतें नहीं ले सकता। इतना ही नहीं सीएम हिमंत ने आगे कहा था कि मैं असमिया युवाओं को आश्वासन देता हूं कि मैं सभी मिया मुस्लिम सब्जी विक्रेताओं को शहर से बाहर निकाल दूंगा।