रक्षा मंत्रालय द्वारा देश में दो साल में एक बार होने वाले एयरशो ‘एयरो इंडिया’ और एविएशन प्रदर्शनी का आयोजन स्थल बेंगलुरू की जगह लखनऊ करने की अटकलें काफी तेज हो गई हैं। सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने राज्य में एयरशो की मेजबानी हासिल करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं।जिसके विरोध में कर्णाटक के उप मुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने ट्वीट के जरिए रक्षा मंत्रालय से स्पष्टीकरण मांगा है।
कर्नाटक सरकार ने केंद्र सरकार के कदम पर दुख जताते हुए इस फैसले पर सफाई मांगा है।कर्नाटक के नाराज उप मुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि राजग शासन में राज्य की महत्वपूर्ण रक्षा परियोजनाएं अन्य राज्यों को दे दी जा रही हैं। उनके मुताबिक योगी सरकार को केंद्र सरकार रक्षा सौदे में फायदा पहुंचाने के लिए ये मेजबानी सौंपना चाहती है।
इस साल ये आयोजन कर्णाटक के बंगलुरू में अक्तूबर-नवम्बर में होना नियोजित था लेकिन अब उत्तर प्रदेश का नाम आगे चल रहा है।पिछले साल फरवरी में बंगलुरू में एयर इंडिया शो का भव्य आयोजन हुआ था।
हालांकि रक्षा मंत्रालय ने मेजबानी के संबंध में अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है।यदि ऐसा होगा तो 1996 में शुरू होने के बाद ऐसा पहली बार होगा जब यह कार्यक्रम बंगलुरू से बाहर होगा।जाहिर है 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश के लिए यह एक बड़ा कार्यक्रम होगा और सरकार को रक्षा सौदे के मिलने का लाभ भी होगा।
आदित्यनाथ ने अलीगढ़ में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश में एक रक्षा गलियारे की औपचारिक घोषणा की ,जिसमें अलीगढ़, आगरा, कानपुर, लखनऊ, झांसी, चित्रकूट को शामिल किया जाएगा। इस दौरान आदित्यनाथ ने कहा 'मैं रक्षा मंत्री से अनुरोध करता हूं कि एयरो इंडिया शो का आयोजन उत्तर प्रदेश में हो। हम सब तरह की सुविधा मुहैया कराएंगे।इस संदर्भ में मैं उनसे इसकी घोषणा जल्द करने का अनुरोध करता हूं ताकि हम तैयारी में आगे बढ़ सकें।'
योगी आदित्यनाथ के इस वक्तव्य प्रतिक्रिया देते हुए परमेश्वर ने ट्वीट किया कि एयरो इंडिया शो बंगलुरू से बाहर होने संबंधी खबर बहुत दुर्भाग्यपूर्ण हैं। जी परमेश्वर ने निर्मला सीतारमण से इस मामले में अपना रूख साफ करने को कहा है।
इससे पहले शनिवार को कर्णाटक के राजस्व मंत्री आर वी देशपांडे ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर नाराजगी जाहिर की और होने वाले नुकसान के बारे में उन्हे अवगत कराया।आर वी देशपांडे के अनुसार देश का सैन्य और वाणिज्यिक एयर शो एयरोस्पेस राजधानी बंगलूरू में 22 साल से आयोजित हो रहा है और अचानक इसकी मेजबानी छीन लेना दुर्भाग्यपूर्ण कदम होगा।
यही नहीं एयरो इंडस्ट्री भी यहां मौजूद है जिसमे अकेले पांच से छह फीसदी का निवेश होता है।बंगलूरू में एयरोस्पेस पार्क का भी निर्माण हो रहा हैै तो एसे में स्थान बदलने से केंद्र सरकार को नुकसान ही होगा और सफल आयोजन भी मुशकिल है।