केंद्र सरकार ने गुरुवार को सदन में बताया कि इस साल 25 मार्च तक एयरलाइन्स को 24 फर्जी बम धमकी के कॉल मिले थे। नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) के आंकड़ों का हवाला देते हुए नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि 2022 से 25 मार्च, 2025 तक एयरलाइन ऑपरेटरों को कुल 836 फर्जी बम धमकियां प्राप्त हुईं।
उन्होंने बताया कि, 2022 में कॉल की संख्या 13 थी और 2023 में बढ़कर 71 हो गई। पिछले साल, 728 ऐसी कॉल आई थीं। इस साल 25 मार्च तक यह संख्या 24 थी। लोकसभा में एक लिखित उत्तर में मंत्री ने कहा कि एयरलाइन्स को फर्जी बम धमकी कॉल करने के लिए 2024 में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
खतरों से निपटने के लिए मजबूत प्रोटोकॉल बनाया
बीसीएएस ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों, केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों, सीआईएसएफ और हितधारकों के साथ समन्वय में ऐसे खतरों से निपटने के लिए मजबूत प्रोटोकॉल अनिवार्य किए हैं। जिससे उड़ान संचालन पर न्यूनतम प्रभाव पड़ता है। ऐसे खतरों से निपटने के लिए बम खतरा आकस्मिक योजना (बीटीसीपी) लागू की गई है।
उन्होंने बताया कि, बीटीसीपी के एक हिस्से के रूप में, प्रत्येक हवाई अड्डे पर एक नामित बम खतरा आकलन समिति (बीटीएसी) होती है जो खतरे का विश्लेषण करती है और कार्रवाई करती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, फर्जी बम खतरों से निपटने के लिए, बीसीएएस ने देश के सभी नागरिक विमानन हितधारकों को मजबूत विमानन सुरक्षा बुनियादी ढांचे के रखरखाव को सुनिश्चित करने और हवाई यात्रा में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए सलाह जारी की है।