वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम का कहना है कि जब तक बाजार में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा नहीं आती, तब तक ऐसा नियंत्रण जरूरी है ताकि आम यात्री महंगी टिकटों का बोझ न झेलें। वहीं सरकार के इस फैसले को यात्रियों को राहत देने वाला माना जा रहा है। हालांकि राजनीतिक स्तर पर इसे देर से उठाया गया कदम बताया जा रहा है।
इंडिगो उड़ानों में हाल ही में हुई बड़ी अव्यवस्था और टिकटों की बढ़ी कीमतों के बाद सरकार ने हवाई किराए पर नियत्रंण लगाने का फैसला किया है। इस कदम का स्वागत करते हुए कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि जब तक एयरलाइन सेक्टर में केवल दो बड़ी कंपनियों का दबदबा है, तब तक किराए पर नियंत्रण जारी रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि इंडिगो की उड़ानों में आई गड़बड़ी की वजह से देशभर में सैकड़ों उड़ानें रद्द हुईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
किराए पर नियंत्रण रहना जरूरी है- पी चिदंबरम
चिदंबरम ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा- 'मैं खुश हूं कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने आखिरकार दखल दिया और इकोनॉमी क्लास किराए पर नियंत्रण लगाया है। जब तक एयरलाइन बाजार में मजबूत प्रतिस्पर्धा नहीं होती, तब तक किराए पर नियंत्रण रहना जरूरी है।' उन्होंने कहा कि अगर बाजार में केवल दो बड़ी कंपनियां हों तो उपभोक्ताओं को बचाने का एकमात्र तरीका कीमतों पर नियंत्रण है, क्योंकि हवाई यात्रा करने वाले अधिकांश लोग महंगी टिकटें वहन नहीं कर सकते।
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सरकार और डीजीसीए पर सवाल
वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने इंडिगो में आई समस्या को केवल कंपनी की गलती नहीं बल्कि सरकार और डीजीसीए की भी विफलता बताया। उन्होंने कहा कि नए पायलट ड्यूटी टाइम नियम जनवरी 2024 में लागू किए गए थे, लेकिन पिछले 23 महीनों में सरकार एयरलाइन को इन नियमों के अनुसार ढालने में नाकाम रही। उनके मुताबिक, 'संकट बढ़ता गया और सरकार कुछ नहीं कर सकी। आखिरकार उसे पीछे हटना पड़ा।' सरकार ने शुक्रवार को नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम (एफडीटीएल) नियमों को फिलहाल रोक दिया है।
किराए बढ़ने की वजह और स्थिति
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हवाई किराए पर लगाम लगाने का कारण बताते हुए कहा कि इंडिगो में परिचालन की गड़बड़ी के चलते उड़ानें कम हो गईं और कम सीटों की वजह से टिकटों की कीमतें अचानक बहुत बढ़ गईं। शनिवार को एयरलाइन ने लगभग 1500 उड़ानें चलाईं, जबकि करीब 800 उड़ानें रद्द रहीं। रविवार तक स्थिति सुधर रही है, लेकिन फिर भी 650 उड़ानें रद्द हुईं। इंडिगो रोजाना लगभग 2300 उड़ानें संचालित करती है।