दिल्ली की अदालत ने एयरसेल मैक्सिस मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम को मिली गिरफ्तारी से छूट की अवधि एक अगस्त तक के लिए बढ़ा दी है। दोनों की गिरफ्तारी से छूट की अवधि 30 मई को खत्म हो रही थी। दोनों के खिलाफ मामलों की जांच सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय कर रहे हैं।
गुरुवार को हुई सुनवाई में विशेष जज ओ. पी. सैनी ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद छूट की अवधि बढ़ाई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दोनों की अग्रिम जमानत पर दलीलें पेश करने के लिए तीन हफ्ते का समय मांगा है। इस पर चिदंबरम और उनके बेटे के वकील ने उन्हें पहले से मिली गिरफ्तारी से छूट की अवधि बढ़ाने को कहा।
एजेंसी ने कहा कि उनके विशेष निदेशक सिंगापुर गए हैं और यह देखना होगा कि इसमें कुछ प्रगति हुई है या नहीं। ईडी ने कहा कि वह जिन बैंक खातों पर जांच कर रहा है, उनसे जुड़ी सभी जानकारियां उपलब्ध हैं। यह मामला एयरसेल मैक्सिस सौदे में फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी में कथित अनियमितताओं से संबंधित है।
इससे पहले छह मई को पी चिदंबरम और कार्ति को दिल्ली की अदालत ने 30 मई तक गिरफ्तारी से छूट प्रदान की थी। अदालत ने गिरफ्तारी की छूट इसलिए बढ़ाई थी क्योंकि मामले की जांच कर रही एजेंसियों ने जांच पूरी करने के लिए और समय मांगा था।
छह मई को इस मामले में ईडी की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि मामले में अभी जांच चल रही है और टीम को ब्रिटेन और सिंगापुर भेजा गया है। जल्द ही टीम ठोस सबूत और दस्तावेजों के साथ होगी जिन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।
समय मांगने के अनुरोध का विरोध करते हुए कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि जांच एजेंसी 13 बार इस मामले में कोर्ट से समय ले चुकी है। लेकिन अभी भी जांच एजेंसी के हाथ खाली हैं। 2014 से अब तक इस मामले को लगातार लंबा खींचने की कोशिश की जा रही है।