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भारत और अमेरिका में हवाई यात्रा के संबंध में क्या-क्या हैं दिशा-निर्देश?

न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Tanuja Yadav Updated Fri, 29 May 2020 02:07 PM IST

सार

  • अमेरिका और भारत में हवाई यात्रा के लिए जारी की गई गाइडलाइंस
  • भारत में 25 मई से घरेलू उड़ानें शुरू कर दी गई हैं
  • अमेरिका में यात्रियों को एक दूसरे से छह फीट की दूरी बनाए रखने को कहा गया  
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हवाई यात्रा के लिए जारी की गाइडलाइंस - फोटो : AMAR UJALA

कोरोना वायरस महामारी का हवाई यात्रा पर गहरा असर पड़ा है। दूसरे शहरों में फंसे लोग हवाई यात्रा के जरिए अपने अपने शहरों में जा रहे हैं जिसकी वजह से एयरपोर्ट पर हजारों लोग इकट्ठे हो रहे हैं। हवाई यात्रा के जरिए सफर कर रहे लोगों के लिए सरकार ने गाइडलाइंस भी जारी की है जिसमें कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए अपनाए जा सकते कदमों का जिक्र किया है।

भारत में हवाई यात्रा पर 25 मार्च को प्रतिबंध लगाया गया था और ठीक दो महीने बाद 25 मई को घरेलू उड़ानें शुरू दी गईं। हालांकि अभी अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध जारी है, जबकि अमेरिका ने ईरान, चीन, यूके, आयरलैंड और ब्राजील जैसे देशों से यात्रियों के आने पर पाबंदी लगा दी है। आइए समझने की कोशिश करते हैं कि भारत और अमेरिका में हवाई यात्रा को लेकर किस तरह की गाइडलाइंस हैं। 

  • भारत में केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को हवाई यात्रा के बाद यात्रियों के लिए क्वारंटीन के नियम बनाने को कहा है जबकि अमेरिका में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। अमेरिका में हवाई यात्रा कर रहे यात्रियों को स्वेच्छा से 14 दिन के क्वारंटीन करने की सलाह दी गई है और खुद ही अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने को कहा है।
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हवाई यात्रा के लिए जारी की गाइडलाइंस - फोटो : AMAR UJALA
कोरोना वायरस महामारी का हवाई यात्रा पर गहरा असर पड़ा है। दूसरे शहरों में फंसे लोग हवाई यात्रा के जरिए अपने अपने शहरों में जा रहे हैं जिसकी वजह से एयरपोर्ट पर हजारों लोग इकट्ठे हो रहे हैं। हवाई यात्रा के जरिए सफर कर रहे लोगों के लिए सरकार ने गाइडलाइंस भी जारी की है जिसमें कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए अपनाए जा सकते कदमों का जिक्र किया है।

भारत में हवाई यात्रा पर 25 मार्च को प्रतिबंध लगाया गया था और ठीक दो महीने बाद 25 मई को घरेलू उड़ानें शुरू दी गईं। हालांकि अभी अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध जारी है, जबकि अमेरिका ने ईरान, चीन, यूके, आयरलैंड और ब्राजील जैसे देशों से यात्रियों के आने पर पाबंदी लगा दी है। आइए समझने की कोशिश करते हैं कि भारत और अमेरिका में हवाई यात्रा को लेकर किस तरह की गाइडलाइंस हैं। 
  • भारत में केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को हवाई यात्रा के बाद यात्रियों के लिए क्वारंटीन के नियम बनाने को कहा है जबकि अमेरिका में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। अमेरिका में हवाई यात्रा कर रहे यात्रियों को स्वेच्छा से 14 दिन के क्वारंटीन करने की सलाह दी गई है और खुद ही अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने को कहा है।

एयरपोर्ट के लिए जारी की गाइडलाइंस

  • भारत में हवाई यात्रा कर रहे सभी यात्रियों के लिए थर्मल स्क्रीनिंग करना जरूरी है, अपने साथ ले जा रहे बैगों की संख्या कम करनी होगी, वेब चेक-इन की सुविधा होगी और मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों का पालन करना होगा। इसके अलावा आरोग्य सेतु एप को फोन में डाउनलोड करना आवश्यक बताया गया है।
  • अमेरिका में यात्री अपने बोर्डिंग पास को खुद स्कैन करेंगे, वहां कोई अधिकारी नहीं होगा। अमेरिका में ट्रांसपोर्टेशन सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन (टीसीए) ने मास्क पहनना जरूरी कर दिया है। यात्रियों को एक दूसरे से छह फीट की दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

विमान के अंदर के लिए गाइडलाइंस

  • भारतीय एयरपोर्ट पर अधिकारियों ने विश्राम कक्ष में कुछ जगहों को बंद कर दिया है ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके। खाने का सामान, अखबार और मैगजीन की अनुमति नहीं लेकिन यात्री अपने साथ सूखे मेवे ले जा सकते हैं। 
 
  • भारत में सभी यात्रियों को फेस शील्ड, सैनिटाइजर और मास्क दिए जाएंगे और इसके अलावा यात्रियों को कम से कम शौचालय के इस्तेमाल करने की हिदायत दी गई है। जबकि अमेरिका में टीसीए ने यात्रियों को अपना खाना लाने की सलाह दी है। 
 
  • अमेरिका के रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (सीडीसी) ने चेतावनी दी है कि भीड़-भाड़ जैसे विमानों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन थोड़ा मुश्किल है। विमान के अंदर छह फीट की दूरी बनाए रखना मुश्किल है, इसलिए कोविड-19 वायरस के फैलने का खतरा ज्यादा हो सकता है। 
  • सीडीसी के मुताबिक विमान में वायरस और कीटाणु आसानी से नहीं फैलते हैं, संस्थान के मुताबिक एयरक्राफ्ट में वायरस के संक्रमण का खतरा कम रहता है। लोगों को सलाह दी गई है कि वो विमान में बैठकर अपनी आंख, नाक, कान और मुंह को कम से कम छुएं।

अमेरिकी यात्रियों के लिए सीडीसी की गाइडलाइंस

  • आप जहां जा रहे हो, वहां अगर कोरोना के मामले हैं तो आपको संक्रमण हो सकता है
  • अगर आपके समुदाय में किसी को कोरोना है और आप में लक्षण नहीं हैं तो आपके यात्रा करने से वो दूसरे लोगों में फैल सकता है
  • अगर यात्रा के दौरान लोग छह फीट की दूरी पर नहीं रहे तो आपके लिए संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है
  • कई इलाकों में स्थानीय प्रशासन ने 14 दिन के लिए घर में रहने की हिदायत दी है

विमान में संक्रमण के खतरे पर डब्ल्यूएचओ

वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि विमान के अंदर वायरस के संक्रमण फैलने का खतरा थोड़ा कम हो सकता है क्योंकि विमान के अंदर हवा की गुणवत्ता नियंत्रित होती है और वेंटिलेशन से हर घंटे में 20-30 बार हवा बदलती रहती है।

हालांकि डब्ल्यूएचओ ने विमान के अंदर बैठे यात्रियों के जरिए कोरोना के फैलने की संभावना से इनकार नहीं किया है। किसी संक्रमित मरीज के खांसने और छींकने की वजह से दूसरे यात्रियों पर इसका असर पड़ सकता है।
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