आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा का सबसे बड़ा मुद्दा पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी शिविरों पर हवाई हमला होगा। इसके अलावा पांच साल के दौरान विकास के कार्यों पर फोकस होगा, जबकि राफेल जैसे विवादास्पद मुद्दों से पार्टी कन्नी काटेगी। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ताओं और मीडिया टीम की बैठक में बुधवार को शीर्ष नेतृत्व ने यह फैसला किया। उनका कहना था कि देश के इतिहास में इस तरह एयर स्ट्राइक पहली बार की गई है।
बार-बार आतंकी हमले झेलने के बावजूद इतना साहस किसी अन्य प्रधानमंत्री ने नहीं दिखाया। इस पर तो विपक्ष भी सहमत है। इससे देश में पैदा हुई देशभक्ति की भावनाएं चुनाव में भाजपा की नैया पार लगाएगी। शीर्ष नेतृत्व का कहना है कि विपक्ष की आपत्ति यदि इस हमले में मारे गए आतंकियों की संख्या को लेकर है तो सेना द्वारा प्रस्तुत सैटेलाइट इमेज के जरिये प्राप्त सुबूत के बाद उनका कोई औचित्य नहीं रह गया है।
पिछले सप्ताह हुई एयर स्ट्राइक के बाद से पार्टी नेतृत्व लगातार इस मामले को उठा रहा है और उसे जनता का पूरा समर्थन भी मिल रहा है। इस मामले पर विपक्ष भी बैकफुट पर है। यही वजह है कि भाजपा नेतृत्व एयर स्ट्राइक को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश करेगी।
राफेल पर चुप्पी
राफेल विमान सौदे पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख को देखते हुए भाजपा नेतृत्व ने तय किया है कि पार्टी चुनाव में इसे तरजीह नहीं देगी। यदि विपक्ष इसे उठाता भी है तो कैग, संसद और अदालत से मिली क्लीन चिट के सहारे विपक्ष को जवाब दिया जाएगा।
विपक्ष के मुद्दे बेरोजगारी, बिगड़ती अर्थव्यवस्था
वहीं विपक्ष ने बालाकोट मामले पर मुंह की खाने के बाद इस मुद्दे पर चुप्पी साधने का फैसला किया है। उनके तरकश से सबसे तीखे तीर बेरोजगारी, किसानों और ग्रामीण इलाकों की समस्याएं और बिगड़ती अर्थव्यवस्था ही होंगे।