जेट एयरवेज को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अब एयर इंडिया ने भी कह दिया है कि वह किसी भी ऐसे यात्री को स्वीकार नहीं करेगा जिसके पास पूर्व एयरलाइन्स की रद्द टिकट होंगी।
आमतौर पर होता ये है कि अगर कोई एयरलाइन्स किसी परेशानी के कारण उड़ान रद्द कर देती है तो बाकी एयरलाइन्स रद्द उड़ान वाले यात्रियों को स्थान दे देती हैं। यानि ये लोग उड़ान रद्द होने पर अन्य एयरलाइन्स से यात्रा कर सकते हैं।
जो एयरलाइन अपनी किसी उड़ान को रद्द कर देती है, उसे दूसरी एयरलाइन को अपने यात्रियों को जगह देने के बदले भुगतान करना होता है।
एक मार्च की तारीख के साथ एयर इंडिया के आदेश में कहा गया है कि तत्काल प्रभाव से और अगली सूचना तक एयर इंडिया की फ्लाइट में यात्रा करने के लिए जेट एयरवेज लिमिटेड और जेट लाइट लिमिटेड के दस्तावेज स्वीकार नहीं किए जाएंगे। भुगतान नहीं होने के कारण जेट एयरवेज के 15 विमान उड़ान नहीं भर पा रहे हैं।
जेट पर करीब 8,200 करोड़ रुपये का ऋण है और वह उड़ानों के लिए धन जुटाने में लगा हुआ है।