चार अगस्त की एयर इंडिया फुकेट-दिल्ली उड़ान अचानक करीब 300 फीट नीचे आया था और 24 लोग घायल हुए थे। जांच में तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम के कुछ समय के लिए फेल होने की बात सामने आई है। इसी मामले में पायलट-इन-कमांड का साइकोएक्टिव पदार्थ टेस्ट पॉजिटिव पाया गया, जिसके बाद एअर इंडिया ने उसे नौकरी से निकाल दिया है।
एअर इंडिया ने उस पायलट को तत्काल नौकरी से निकाल दिया है, जिसकी साइकोएक्टिव पदार्थ की जांच रिपोर्ट नॉन-नेगेटिव आई थी। यह वही पायलट है, जो फुकेट से दिल्ली आ रही उड़ान में तैनात था। इसी उड़ान के दौरान विमान अचानक करीब 300 फीट नीचे चला गया था।
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टेस्ट में क्या सामने आया?
उड़ान के बाद दोनों पायलटों की जांच हुई थी। शुरुआती जांच में कमांडर का टेस्ट नॉन-नेगेटिव आया। इसके बाद सैंपल की पुष्टि के लिए लैब भेजे गए। पुष्टि वाली जांच में भी कमांडर का नतीजा नॉन-नेगेटिव रहा, जबकि दूसरे पायलट की रिपोर्ट निगेटिव थी।
जिस उड़ान में हुआ था हादसा, उसमें क्या हुआ?
शुरुआती जांच में विमान की तीनों हाइड्रोलिक प्रणालियों में अचानक खराबी सामने आई। ये सिस्टम विमान को चलाने में मदद करते हैं। उस वक्त कहा गया कि करीब दो सेकंड के भीतर तीनों सिस्टम फेल हुए। इससे कुछ समय के लिए विमान के अहम फ्लाइट कंट्रोल काम नहीं कर पाए। एयरबस के शुरुआती विश्लेषण के मुताबिक, विमान के लिफ्ट करीब चार सेकंड तक काम नहीं कर पाए। सात सेकंड में तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम फिर सामान्य हो गए।
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पायलट के ड्रग टेस्ट में क्या सामने आया?
उड़ान के बाद पायलटों का साइकोएक्टिव पदार्थों के लिए टेस्ट हुआ। एएआईबी की प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक पायलट-इन-कमांड का टेस्ट नॉन-नेगेटिव आया। बाद में किए गए पुष्टि वाले टेस्ट में भी साइकोएक्टिव पदार्थ (गांजा) की मौजूदगी सामने आई। इसी आधार पर एअर इंडिया ने अब पायलट की नौकरी तत्काल खत्म कर दी है। मीडिया रिपोर्टों में संबंधित पदार्थ को मारिजुआना बताया गया है। हालांकि आधिकारिक बयान और एएआईबी की रिपोर्ट में इसे साइकोएक्टिव पदार्थ के तौर पर ही बताया गया है।