एयरलाइन की तरफ से जारी एक बयान में बताया गया कि, एयरबस ए 350, बोइंग 787-9 और चुनिंदा एयरबस ए 321 नियो फ्लाइट में सवार यात्री 10,000 फीट से ऊपर उड़ान भरते हुए ब्राउजिंग कर सकेंगे। यात्री सोशल मीडिया चेक कर सकेंगे। वहीं, इंटरनेट से जुड़ा काम कर सकेंगे। इसके अलावा अपने दोस्तों और परिजन को मैसेज कर सकेंगे।
एयरलाइन की तरफ से बताया गया कि, वाई-फाई सर्विस लैपटॉप, टैबलेट और आईओएस या एंड्रॉयड ओएस वाले स्मार्टफोन पर फ्री में मिलेगी। इस तरह यात्री एक बार में कई डिवाइस पर इंटरनेट का यूज कर सकेंगे। दरअसल, यह सर्विस एयर इंडिया के इंटरनेशनल रूट न्यूयॉर्क, लंदन, पेरिस और सिंगापुर रूट पर पहले से ही दी जा रही है। लेकिन अब इसे डोमेस्टिक रूट पर पायलट प्रोजेक्ट प्रोग्राम के तहत शुरू किया गया है। एयर इंडिया ने उम्मीद जताई कि यात्रियों को यह सुविधा पसंद आएगी। आने वाले समय में एयर इंडिया का प्लान सभी यात्री विमानों में इस सर्विस को शुरू करने का है।
इस तरह फ्लाइट में उपयोग कर सकते है वाईफाई सेवा
फ्लाइट में अपनी डिवाइस पर वाई-फाई एनेबल करें और वाईफाई सेटिंग पर जाएं। इसके बाद एयर इंडिया 'वाई-फाई' नेटवर्क सिलेक्ट करें। एक बार ब्राउजर में एयर इंडिया पोर्टल पर रीडायरेक्ट होने पर अपना पीएनआर और अंतिम नाम दर्ज करें। यात्री इसके बाद फ्री इंटरनेट एक्सेस का आनंद लें सकेंगे।