विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 23 जून 1985 को हुए कनिष्क विमान बमकांड की 41वीं बरसी पर 329 पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने साफ किया कि भारत आतंकवाद के हर रूप को खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एयर इंडिया विमान 182 कनिष्क बमकांड की 41वीं बरसी पर मंगलवार को इस भीषण आतंकी हमले के पीड़ितों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने इस त्रासदी को याद करते हुए स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत हर रूप और हर आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को पूरी तरह दोहराता है। विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए अपनी यह बात और भावनाएं साझा कीं।
विज्ञापन
हवा में उड़ा था विमान
इतिहास का यह काला पन्ना बेहद दर्दनाक है। तारीख 23 जून 1985 थी। बोइंग 747 विमान आसमान में उड़ान भर रहा था। अचानक 9,400 मीटर की ऊंचाई पर एक भयानक धमाका हुआ। बम के इस भीषण विस्फोट ने पूरे विमान के परखच्चे उड़ा दिए। विमान उस समय आयरिश हवाई क्षेत्र में था। धमाके के बाद विमान सीधे अटलांटिक महासागर में जा गिरा। इस भयावह आतंकी घटना में विमान में सवार सभी 329 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इतने मासूम लोगों की अनमोल जिंदगी एक पल में खत्म हो गई।
दुनिया हुई थी स्तब्ध
इस विमान हादसे ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था। फ्लाइट एआई 182 मॉन्ट्रियल-लंदन-दिल्ली मार्ग पर संचालित हो रही थी। यह हवाई त्रासदी इतनी बड़ी थी कि इसका दर्द आज भी महसूस होता है। 40 साल से भी अधिक समय पहले हुई इस दुखद घटना का दर्द आज भी तीन देश साझा करते हैं। भारत, कनाडा और आयरलैंड आज भी इस हवाई त्रासदी के गहरे दुख को मिलकर साझा करते हैं। पूरी दुनिया को स्तब्ध कर देने वाली इस घटना को आज भी सबसे बड़े विमान आतंकी हमलों में गिना जाता है।
विदेश मंत्री का कड़ा संदेश
विदेश मंत्री जयशंकर ने अपने पोस्ट में इस घटना की कड़वी यादों को साझा किया। उन्होंने लिखा कि आज एयर इंडिया 182 'कनिष्क' बमबारी की 41वीं बरसी है। हम इस भीषण आतंकवादी घटना में अपनी अनमोल जान गंवाने वाले सभी मासूमों की स्मृति को नमन करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को मजबूत करने की बात कही। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों का मुकाबला करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।