सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया ने निशानेबाज मनु भाकर के साथ दिल्ली एयरपोर्ट पर दो स्टाफ द्वारा उत्पीड़न के आरोपों से इनकार किया है। एयर इंडिया ने रविवार को जारी बयान में दावा किया कि भाकर जब 19 फरवरी को अपनी मां के साथ दिल्ली से भोपाल जा रही थीं तो उनसे वैध दस्तावेज मांगे गए थे। इस दौरान उनसे कोई बदसलूकी नहीं की गई थी। जबकि मनु ने एयरलाइन के स्टाफ पर 'उत्पीड़न' और 'अपमान' करने का आरोप लगाया था।
कंपनी ने कहा, हमारे कर्मचारी मनोज गुप्ता पूरे समय काउंटर पर थे और उन्होंने किसी भी समय भाकर से सीधे तौर पर बात नहीं की। इसे सीसीटीवी की फुटेज से भी देखा जा सकता है। इसलिए उनके द्वारा दुर्व्यवहार के आरोप का मामला पैदा ही नहीं होता। साथ ही सीसीटीवी के फुटेज घूस लेने के आरोपों और मोबाइल फोन छीनने के आरोपों को भी गलत साबित करते हैं।
राष्ट्रमंडल खेलों और युवा ओलंपिक की स्वर्ण पदकधारी पिस्टल निशानेबाजी विजेजा मनु ने एयरलाइन से इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जबकि कंपनी ने उनके आरेापों को गलत और निराधार बताया है। एयर इंडिया के अनुसार दिल्ली एयरपोर्ट काउंटर पर प्रवेश के समय भाकर ने अधिकारियों को बताया कि उनके पास एक एयर पिस्टल और 0.22 बोर गन है। जब उन्हें काउंटर पर तैनात अधिकारियों ने हथियार के लिए आवश्यक दस्तावेज लाने की सलाह दी तो वो भड़क गईं। कंपनी का कहना है कि विमान में इस प्रकार के हथियार लेकर जाने के लिए कुछ अनिवार्य प्रक्रियाएं और दस्तावेज आवश्यक होते हैं।
एअर इंडिया ने कहा: खिलाड़ियों का सम्मान करती रही है कंपनी
एअर इंडिया खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करता रहा है। खेलों के लिए समर्पित भी रहा है और उनका सम्मान करता है। संस्थान में कई महान खिलाड़ी हैं और रहे हैं। कुछ दिन पहले शूटर मनु भाकर को लेकर छपी खबर दुर्भाग्यपूर्ण है। एअर इंडिया कभी खिलाड़ियों के साथ बदसलूकी नहीं करेगा और ना ही की है। मनु भाकर के साथ भी उस दिन कहीं कोई बदसलूकी नहीं हुई। 19 फरवरी को दिल्ली एयरपोर्ट पर मनु और उनकी मां सुमेधा भाकर को भोपाल के लिए रवाना होना था। चूंकि मनु के पास एयर पिस्टल और .22 बोर की गन थी। चेक-इन के दौरान सुरक्षा अधिकारियों ने उनसे आर्म्स-एम्युनेशन परिवहन के लिए जरूरी दस्तावेज मांगे, जो वो नहीं दिखा पाईं। एयरक्राफ्ट में हथियार ले जाने लाने के प्रोटोकाल हैं। प्रोटोकाल के तहत उनसे दस्तावेज सत्यापित कराने के लिए कहा गया था।