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एअर इंडिया में नियम तोड़ने वालों पर CEO सख्त: बोले- कोई देखे या न देखे, सही काम करना ही होगा; क्या चेतावनी दी?

Thu, 13 Aug 2026 11:43 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Air India: एअर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने कर्मचारियों को साफ संदेश दिया कि कोई देख रहा हो या नहीं, हमें सही काम करना जरूरी है। उन्होंने नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। जनवरी 2022 में निजीकरण के बाद करीब 1000 कर्मचारियों की अलग-अलग उल्लंघनों के मामलों में सेवाएं खत्म की जा चुकी हैं। एअर इंडिया में नियमों को लेकर इतनी सख्ती क्यों बढ़ाई जा रही है? आइए, विस्तार से जानते एअर इंडिया के सीईओ ने कर्मचारियों को क्या चेतावनी दी...
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एअर इंडिया सीईओ की कर्मचारियों को दो टूक - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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एअर इंडिया के सीईओ और प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने कर्मचारियों को नियमों और जिम्मेदारी को लेकर दो टूक संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि कोई देख रहा हो या नहीं, सही काम करना चाहिए। अगर कोई गलत काम करता दिखे तो उसकी जानकारी दी जानी चाहिए। विल्सन ने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करके बच निकलने की संभावना लगातार कम हो रही है और गलत काम के नतीजे आगे और गंभीर होंगे। उनका यह बयान एअर इंडिया में नियमों के पालन और कर्मचारियों की जवाबदेही को लेकर बढ़ाई जा रही सख्ती के बीच आया है।

एअर इंडिया में करीब 1000 कर्मचारियों पर कार्रवाई क्यों हुई?

विल्सन ने यह बात गुरुवार को कर्मचारियों के साथ टाउनहॉल बैठक में कही। उनके बयान का मुख्य संदर्भ जनवरी 2022 में एअर इंडिया के निजीकरण के बाद अलग-अलग उल्लंघनों के मामलों में करीब 1,000 कर्मचारियों की सेवाएं खत्म किए जाने से था। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद अभी भी ऐसे मामले सामने आते हैं, जहां कुछ लोग यह मानते दिखाई देते हैं कि उन पर नियम और कानून लागू नहीं होते। विल्सन ने कर्मचारियों से कहा कि उन्हें अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और गलत काम करने वालों की जानकारी भी देनी होगी।
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कर्मचारियों के लिए विल्सन ने क्या सख्त संदेश दिया?

विल्सन ने कहा कि कर्मचारियों को तब भी सही काम करना चाहिए, जब कोई उन्हें देख नहीं रहा हो। उन्होंने कहा कि अगर किसी कर्मचारी को कोई दूसरा व्यक्ति गलत काम करता हुआ दिखाई देता है तो उसे इसकी रिपोर्ट करनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के बच निकलने की संभावना अब लगातार कम होती जा रही है। उनके मुताबिक गलत काम करने के परिणाम आगे और गंभीर होंगे। एअर इंडिया ने निजीकरण के बाद गलत इस्तेमाल और नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए अपनी व्यवस्था लगातार मजबूत की है।

कर्मचारी सुविधाओं के गलत इस्तेमाल पर भी नजर क्यों?

टाउनहॉल में विल्सन ने कर्मचारियों को मिलने वाली यात्रा सुविधाओं के गलत इस्तेमाल समेत कई मामलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि निजीकरण के बाद एअर इंडिया ने ऐसी व्यवस्था और नियंत्रण लगातार लागू किए हैं, जिनका उद्देश्य नियमों के गलत इस्तेमाल को रोकना, पकड़ना और उसके खिलाफ कार्रवाई करना है। कंपनी आगे भी इन व्यवस्थाओं को और कड़ा करेगी। यानी कर्मचारियों के लिए मिलने वाली सुविधाओं का इस्तेमाल नियमों के अनुसार करना जरूरी होगा और उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई की जा सकती है।

पायलट के मामले के बाद क्या बढ़ी चिंता?

विल्सन की यह टिप्पणी एअर इंडिया के एक पायलट से जुड़े हालिया मामले की पृष्ठभूमि में भी देखी जा रही है। हालांकि टाउनहॉल में इसका सीधे तौर पर उल्लेख नहीं किया गया। फुकेत-दिल्ली उड़ान के कमांडर पायलट की जांच में एक मनो-सक्रिय पदार्थ की मौजूदगी पाई गई थी। चार अगस्त को उड़ान के दौरान विमान अचानक 300 फीट नीचे चला गया था। विल्सन ने यह भी बताया कि एअर इंडिया में नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए नियंत्रण व्यवस्था लगातार मजबूत की जा रही है। एअर इंडिया का अधिग्रहण टाटा समूह ने जनवरी 2022 में किया था। विल्सन खुद सीईओ और एमडी पद से इस्तीफा दे चुके हैं और अगले महीने एयरलाइन छोड़ देंगे।
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