अहमदाबाद विमान हादसे के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने विमान सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। हादसे में 274 लोगों की जान गई थी, जिसके बाद देशभर के एयरपोर्ट्स पर सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जा रही है। इसी कड़ी में त्रिपुरा के महाराजा बीर बिक्रम एयरपोर्ट पर एयरफील्ड एनवायरनमेंट मैनेजमेंट कमेटी की बैठक आयोजित हुई, जिसमें हवाई सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक की अध्यक्षता पश्चिम त्रिपुरा के जिलाधिकारी विशाल कुमार ने की और इसमें एयरपोर्ट निदेशक के.सी. मीणा सहित कई अहम अधिकारी मौजूद थे। मीणा ने बताया कि हवाई सुरक्षा को बनाए रखने और पर्यावरण के कई जोखिमों को कम करने के लिए हवाई अड्डे के चारों ओर 10 किलोमीटर की परिधि में ‘बर्ड-फ्री जोन’ बनाने की सिफारिश की गई है। इसका उद्देश्य पक्षियों से होने वाले संभावित खतरों को रोकना और उड़ानों की सुरक्षित और टिकाऊ संचालन सुनिश्चित करना है।
क्यों लिया गया ये फैसला?
मीणा ने बताया कि बैठक में हवाई अड्डे के आसपास कचरा प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट निस्तारण, पक्षी जोखिम नियंत्रण, और संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि उड़ानों की सुरक्षा सिर्फ तकनीकी पहलुओं पर निर्भर नहीं करती, बल्कि पर्यावरणीय कारकों का भी इसमें अहम योगदान होता है। एक बर्ड-फ्री जोन इस दिशा में एक निर्णायक कदम हो सकता है।
डीएम बोले सतर्कता जरूरी
डीएम विशाल कुमार ने भी इस पहल को लेकर प्रशासन की पूर्ण सहयोग देने की बात कही और कहा कि हर स्तर पर सतर्कता और निगरानी को बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे बर्ड हेजार्ड से बचाव के लिए समयबद्ध और प्रभावी कदम उठाएं। उन्होंने एयरपोर्ट के आसपास के शहरी और ग्रामीण निकायों को भी इस दिशा में जागरूकता फैलाने का निर्देश दिया।
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एअर इंडिया पर गिरी गाज
अहमदाबाद विमान हादसे के बाद नागरिक विमानन महानिदेशालय ने एअर इंडिया की क्रू शेड्यूलिंग में लापरवाही को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। डीजीसीए ने एअर इंडिया के तीन वरिष्ठ अधिकारियों, जिनमें एक डिविजनल वाइस प्रेसिडेंट भी शामिल हैं, को उनके सभी कार्यों और जिम्मेदारियों से हटाने का आदेश दिया है। इन अधिकारियों पर अनाधिकृत क्रू पेयरिंग, अनिवार्य लाइसेंसिंग में चूक और शेड्यूलिंग प्रोटोकॉल के उल्लंघन जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। डीजीसीए ने एअर इंडिया को इन अफसरों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने और 10 दिन में रिपोर्ट देने को कहा है।
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कारण बताओ नोटिस जारी
डीजीसीए ने एअर इंडिया के अकाउंटेबल मैनेजर को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है, जिसमें पूछा गया है कि 16 और 17 मई को बैंगलोर से लंदन गई दो फ्लाइट्स ने 10 घंटे की तय सीमा क्यों पार की। उन्हें 7 दिन में जवाब देने को कहा गया है। डीजीसीए ने चेताया है कि भविष्य में इस तरह की लापरवाहियों पर लाइसेंस निलंबन और संचालन पर रोक जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे। एअर इंडिया ने डीजीसीए के निर्देशों को लागू करने की बात कही है और कहा है कि अब कंपनी का सीओओ पूरे फ्लाइट कंट्रोल पर निगरानी रखेगा।
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