स्वदेश में पुनर्निर्मित एसयू-30 एमकेआई लड़ाकू विमान शुक्रवार को नासिक स्थित वायुसेना के ओझर बेस रिपेयर डिपो में भारतीय वायुसेना को सौंपा गया। देश की रक्षा में उतरने वाला यह पहला ऐसा विमान है, जो पूरी तरह से भारत में निर्मित है। गौरतलब है कि वायुसेना के बेहतरीन लड़ाकू विमान एसयू-30 एमकेआई को अब भारत में विकसित किया जा रहा है।
सुखोई एसयू-30एमकेआई एक दो इंजन वाला बहुउद्देशीय उच्च हवाई क्षमता वाला विमान है। रूसी कंपनी सुखोई द्वारा विकसित इस विमान को भारत की हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के लाइसेंस के तहत बनाया गया है।
एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ एयर मार्शल हेमंत शर्मा ने दक्षिण पश्चिमी वायुसैनिक कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ एयर मार्शल एचएस अरोड़ा को एक भव्य समारोह में एसयू-30 एमकेआई विमान सौंपा। बता दें कि 40 सुखोई विमानों को ब्रह्मोस को प्रक्षेपित करने के लिए तैयार करने का काम शुरू हो गया है। इस परियोजना की समय सीमा तय हो गई है। बताया जा रहा है कि यह परियोजना 2020 तक पूरी हो जाएगी।