चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 23 से 25 सितंबर के बीच अमेरिकी दौरे पर रहेंगे। हालांकि, गौर करने वाली बात यह है कि किसी देश का राष्ट्रपति जब विदेश यात्रा पर निकलता है, तो दुनिया की नजर सिर्फ उसके स्वागत समारोह पर नहीं होती। जिस विमान से वह दूसरे देश में पहुंचता है, वह भी उस देश की ताकत, तकनीक और सुरक्षा व्यवस्था की झलक देता है। अमेरिका की बात करें तो वहां यह भूमिका एयर फोर्स वन निभाता है, जो दुनिया के सबसे लोकप्रिय विमानों में से एक है।
आज चीन के राष्ट्रपति अमेरिका पहुंचेंगे। ऐसे में उनके विमान को लेकर भी खूब चर्चाएं हो रही हैं। चीनी राष्ट्रपति भी अपनी लंबी विदेश यात्राओं के लिए एक बेहद खास विमान से सफर करते हैं। इसे विशेष विमान कहा जाता है। खास बात यह है कि दोनों देशों के राष्ट्रपति की यात्राओं में बोइंग 747 फैमिली के विमान ही इस्तेमाल होते हैं। वहीं दोनों देशों ने राष्ट्रपति की जरूरतों और सुविधाओं को ध्यान में रखकर प्लेन को बिल्कुल अलग ढंग से डिजाइन किया है। अमेरिका के पास राष्ट्रपति के लिए पूरी तरह से एक खास विमान है। शी जिनपिंग की विदेश यात्राओं के लिए इस्तेमाल होने वाले विमान एयर चाइना के बेड़े से लिए जाते हैं और राष्ट्रपति की यात्रा के लिए उन्हें विशेष रूप से तैयार किया जाता है।
सबसे पहले बात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान की करते हैं। एयर फोर्स वन को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खास विमान के रूप में जाना जाता है। हालांकि, यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि तकनीकी रूप से यह अमेरिकी वायुसेना का कॉल साइन है। जब अमेरिकी राष्ट्रपति वायुसेना के किसी विमान में सवार होते हैं, तो उस विमान को एयर फोर्स वन कहा जाता है। हालांकि, आम तौर पर यह नाम दो विशेष बोइंग 747-200बी विमानों के लिए इस्तेमाल होता है। इनका सैन्य नाम वीसी-25ए है और इनके टेल नंबर 28000 और 29000 हैं।
एयर फोर्स वन को सामान्य पैसेंजर प्लेन की तरह नहीं बनाया गया है। इसको खासतौर पर राष्ट्रपति की जरूरतों और उनकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसमें उनके लिए अलग कमरा, ऑफिस, बैठक और आराम की सुविधाएं हैं। वरिष्ठ अधिकारियों, सुरक्षा कर्मियों और पत्रकारों के लिए भी अलग जगह मौजूद है। विमान में एडवांस्ड मेडिकल सुविधाएं भी हैं। अमेरिकी वायुसेना के मुताबिक इसमें दो रसोईघर हैं, जो एक समय में बड़ी संख्या में भोजन तैयार कर सकते हैं। इस प्लेन का मुख्य काम ही राष्ट्रपति को लंबी यात्रा के दौरान भी जरूरी सरकारी काम जारी रखने की सुविधा देना है।
इस प्लेन में आसमान में उड़ते-उड़ते ही ईंधन भरा जा सकता है। इस कारण जरूरत पड़ने पर यह विमान लंबे समय तक आसमान में रह सकता है। सबसे खास बात इस विमान को परमाणु विस्फोट के समय पैदा होने वाले इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स (EMP) से बचाने के लिए भारी शील्डिंग और विशेष तारों से लैस किया गया है। इसके अलावा यह विमान दुश्मन के रडार को जाम करने और मिसाइलों को भटकाने में भी सक्षम है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एयर फोर्स वन करीब 70.7 मीटर लंबा है और इसके पंखों का फैलाव 59.6 मीटर है। इसमें चार इंजन लगे हैं, जिनमें से हर इंजन करीब 56,700 पाउंड थ्रस्ट पैदा करता है। यह विमान करीब 12,550 किलोमीटर तक उड़ सकता है और जरूरत पड़ने पर हवा में ही ईंधन भर सकता है। इसकी अधिकतम गति करीब 1,013 किलोमीटर प्रति घंटा है।