भारतीय वायु सेना प्रमुख बीएस धनोआ ने कहा कि चीन के खिलाफ वायु सेना एक मजबूत विकेट है। हमें बजट के लिए जो भी आवश्कताएं हैं, उन्हें सरकार को भेजा गया है। आपको बता दें कि चीन और भारत के बीच लंबे समय से डोकलाम विवाद चल रहा है।
हाल ही में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने संबोधन में दुनिया भर में अपनी ताकत का हवाला देते हुए खूनी जंग का ऐलान किया था। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 13वीं नेशनल पीपल्स कांग्रेस को संबोधित करते हुए कहा था कि चीन दुनिया में अपनी जगह पाने को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त है और इसके लिए वो किसी भी युद्ध के लिए तैयार है।
ताइवान और हॉन्ग कॉन्ग की आजादी का समर्थन करने वालों को भी चीन ने कड़ी चेतावनी दी थी। शी ने कहा था कि चीन से कोई एक इंच भी जमीन नहीं ले सकता। शी के इस बयान का वहां मौजूद सैकड़ों प्रतिनिधियों ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया था।
शी ने कहा था, ''हमलोग अपने दुश्मनों के खिलाफ खूनी लड़ाई लड़ने के लिए कृतसंकल्प हैं। हम लोग पूरी मजबूती के साथ दुनिया में अपनी जगह पाने के लिए संकल्पबद्ध हैं।'' शी के इस भाषण का टीवी पर प्रसारण देख लोगों में कई प्रकार की बातें शुरू हो गईं थी। शी ने चीनी इतिहास पर कई बातें की थीं। शी ने कहा था कि चीन ने दुनिया को अखबार, कफ्युशियसवाद और चीनी दीवार जैसी चीजें दीं।
एयर बेस में कमर्शियल फ्लाइट्स
धनोआ ने कहा है कि भारतीय एयर बेस का इस्तेमाल कमर्शियल फ्लाइट्स के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 'इससे क्षेत्रीय संपर्क बढ़ेगा और यह एयर बेस की सुरक्षा को भी प्रभावित नहीं करेगा।'