वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया का कहना है कि रक्षा क्षेत्र में भारतीय वायुसेना महत्वपूर्ण भूमिका निभाना जारी रखेगी। एयर चीफ ने कहा कि वायुसेना ने अपनी स्थापना के बाद से चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा दशक में युद्ध की पद्धतियों और स्वरूप में अहम बदलाव नजर आने की संभावना है।
डुंडीगल स्थित एयरफोर्स अकादमी में संयुक्त स्नातक परेड के दौरान भदौरिया ने कहा, ‘वायुसेना रक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाना जारी रखेगी और आप उन प्रमुख लोगों के समूह में शामिल होंगे, जिनसे यह कर दिखाने को कहा जाएगा। जब हम युद्ध के समूचे परिदृश्य में दुश्मन से लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, ऐसे में हमें मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों में उभरने वाली किसी अन्य जरूरी भूमिका में भी राष्ट्र की सक्रियता से अवश्य मदद करना चाहिए।’
उन्होंने भरोसा जताया कि सफलतापूर्वक अपना प्रशिक्षण पूरा करने वाले फ्लाइट कैडेट प्रत्येक कार्य को निपुणता से पूरा करेंगे। वायुसेना की फ्लाइंग और ग्राउंड ड्यूटी शाखाओं के 127 फ्लाइट कैडेट के प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा होने पर इस परेड का आयोजन किया गया था।
खुफिया एजेंसियों की मदद से सफल होते हैं सैन्य अभियान: नरवाने
उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल मनोज नरवाने ने शनिवार को कहा कि खुफिया एजेंसियों के सहयोग के बिना कोई भी सैन्य अभियान सफल नहीं हो सकता है। नरवाने को अगला सेना प्रमुख नियुक्त किया गया है।
पूर्व पत्रकार नितिन गोखले की लिखी किताब ‘आरएन काओ: जेंटलमैन स्पाईमास्टर’ के विमोचन के बाद लेफ्टिनेंट जनरल नरवाने ने कहा कि जब भी सेना कोई सैन्य अभियान शुरू करती है, इसमें महत्वपूर्ण भूमिका खुफिया तंत्र की होती है। खुफिया एजेंसियों से मिली सूचना ही सैन्य अभियान को सफल बनाती है। सैन्य अभियान और सूचना साथ चलते हैं।’